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सोमवार, 27 जनवरी 2020

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर बिगत दिनों कहा था कि शीघ ही बुन्देलखण्ड पैकेज के दोषियों पर होगी कार्यवाही,परिणाम सामने आने लगे है अब EOW द्धारा कसेगा शिकंजा।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर बिगत दिनों कहा था कि शीघ ही बुन्देलखण्ड पैकेज के दोषियों पर होगी कार्यवाही,परिणाम सामने आने लगे है अब EOW द्धारा कसेगा शिकंजा।


 ब्यूरो नेटवर्क।  बुन्देलखण्ड पैकेज के दोषियों पर होगी कार्यवाही के सन्दर्भ मे पूर्व मुख्यमंत्री मा.दिग्विजय सिंह जी से प्रदेश कांग्रेस सचिव पवन घुवारा जो लम्बे समय से सघर्षरत है ने मुलाकात कर बुन्देलखण्ड पैकेज की समस्याओ से अवगत कराया था उक्त भष्टाचार जाच हेतू कि गई जनयाचिका पर हाईकोर्ट के आदेश से जांच हुई लगातार वर्षों से शासन से अनुरोध करते आ रहे है , दुर्भाग्य है CTEV द्धारा कि प्रमुख सभी जाचें आज भी लम्बे समय से लम्बित रखी गई है, केवल विभागों के जांच प्रतिवेदन सामने आये हैं, बाकी जांच पत्रों की जाचें आज भी न्याय कि गुहार कर रही है।

बुंदेलखंड पैकेज के तहत जिन छह जिलों  सागर में 840 करोड़, छतरपुर में 918 करोड़, दमोह में 619 करोड़, टीकमगढ़ में 503 करोड़, पन्ना में 414 करोड़ और दतिया में 331 करोड़ का काम होना था लेकिन जल संसाधन विभाग को 1340 करोड़,पीएचई विभाग के 300 करोड़,ग्रामीण विकास विभाग के 209 करोड़ खर्च,कृषि विभाग के तहत 614 करोड़,वन विभाग को 180 करोड़, कुल फंड की 80 फीसदी राशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। गौरतलब कि एक ओर तो विभागीय जांचों मे 300 से अधिक अधिकारीओ के नाम तो सामने आऐ लेकिन एफ आई आर की आंच आज तक नहीं है इतना ही नही सफेद पोशधारीयों ने बीच -बीच मे शिवराज केबिनेट ने बैठक कर इस प्रकार से निर्णय लिये कि जन- मानस को लगे कि सफेदपोशधारी साफतौर पर कार्य कर रहे है।
 म.प्र. की शिवराज कैबिनेट द्वारा दिनांक 12 सितम्बर 2017 को लिये गये फैसले में बुन्देलखण्ड पैकेज मे भ्रष्टाचार करने वालों पर (नियम) सेवानिवृत्त के चार साल बाद भी कार्यवाही होगी ’केबिनेट द्वारा लिये गये, फैसले को लेकिन लागू नहीं किया गया,
अहम सवाल कि केवल अधिकारियों द्वारा 2800 करोड़ का ऐतिहासिक भष्टाचार क्या किया गया ! जबकि मंत्रीमण्डल पैकेज निगरानी समिति बनी थी तो पहली जुम्मेदारी मंत्रीमंडल की ही होना चाहिए थी !
राहुल गांधी ने लोकसभा चुनावी सभा के  बुंदेलखंड पैकेज में हुई गड़बड़ियों का न केवल जिक्र किया,बल्कि उन्होंने कहा "बुदेलखंड पैकेज में हजारों करोड़ रुपये दिए गए थे, इस पैकेज को भाजपा नेताओं ने बुंदेलखंड की जनता से छीन लिया,मुख्यमंत्री मा.कमलनाथ जी आप जाचं कराये, तत्कालीन केंद्र की यूपीए सरकार ने 2008-09 में मध्यप्रदेश के छह जिलों की बेहतरी के लिए बुंदेलखंड पैकेज के तहत 3860 करोड़ रुपए मंजूर किए थे,इनमें से 3226 करोड़ की राशि म.प्र. को आवंटित की गई थी।
शिवराज सरकार ने 2800 करोड़ खर्च किए ,उक्त भष्टाचार पर पूर्व मुख्यमंत्री मा.दिग्विजय सिंह जी ने ट्विटर पर बिगत दिनों कहा था कि शीघ ही बुन्देलखण्ड पैकेज के दोषियों पर होगी कार्यवाही,परिणाम सामने आने लेगे है, और बुन्देलखण्ड पैकेज के भष्टाचारियो पर Eow ने  स्वयं पेपर आधारित फाइलों पर संज्ञानात्मक जाचं प्रारम्भ कर दी है उक्त जाचं कार्यवाही eow एस .पी सागर श्री नीरजसोनी जी कि देख रेख मे हो रही है।