पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशान्ति महायज्ञ का हुआ प्रारंभ...भव्य जुलूस के साथ निकली कलशयात्रा।
//विन्द्रावन विश्वकर्मा//
घुवारा(छतरपुर)। नगर में श्री 1008 मज्जिनेन्द्र शान्तिनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशान्ति महायज्ञ का प्रारम्भ भव्य जुलूस के साथ श्रीजी की आगवानी,एवं कलशयात्रा से हुआ। जुलूस में ढोल,बाजे और भक्ति गीतों के साथ अष्टकुमारियाँ भक्ति प्रस्तुत करते हुए श्रीजी और मुनिसंघ के आगे चल रहीं थीं,इन्द्रोचित वस्त्राभूषण धारण कर समस्त इन्द्र-इंद्राणियों का समूह एवं समस्त महिला मंडल और समाजन,हाथी,बग्घियों का समूह मुनिसंघ का पदानुसरण करते हुए श्रीजी की शोभायात्रा में सम्मिलित होकर,घुवारा नगर के मुख्य मार्गों एवं जिनालयों से होकर नवनिर्मित हस्तिनापुर नगरी(पाण्डाल) में विशाल जनसमूह के साथ पहुंची।पण्डित श्री नन्हें भाई जी सागर के कुशल प्रतिष्ठाचार्यत्व एवं श्री प्रवीण कुमार जी टीकमगढ़ के संगीत से सृजित मन्त्रोच्चार से श्रीजी की स्थापना,अभिषेक,शान्तिधारा,पूजन हुई,
मंच संचालक कलाकर श्री चक्रेश जी सोजना एवं पण्डित जी द्वारा मंडप-उद्घाटन,ध्वजारोहण,चित्रानावरण, दीपप्रज्वलन, मुनिसंघ का पादप्रक्षालन,शास्त्रदान,आदि गतिविधियों का संचालन कराया।
मंडप उद्घाटन करने का सौभाग्य श्री शीलचन्द्र, छोटेलाल जी सपरिवार पनवारी वालों को प्राप्त हुआ।
ध्वजारोहण कर्ता-श्री बाबूलाल जी पनवारी वाले सपरिवार घुवारा रहे
चित्रानावरण करने का सुअवसर श्री मनोज जी बंगेला सागर वाले सपरिवार को मिला।
श्री राजेन्द्र जी (लल्लू मंडी)श्री प्रमोद कुमार,प्रथम,प्रबल जैन बड़ामलहरा वालों ने मुनिश्री के पादप्रक्षालन करने एवं श्रीमती प्रभा-श्री निर्मल कुमार जैन बारौ वालों ने मुनिसंघ को शास्त्रदान करने का सौभाग्य प्राप्त किया।
तत्पश्चात मुनिश्री विरंजनसागर जी महाराज की अमृतवाणी सुनने का सौभाग्य सभी उपस्थित जनों को मिला।
उपरोक्त जानकारी देते हुए द्रोणप्रान्तीय नवयुवक संघ के उपाध्यक्ष रविन्द्र जैन(रवि) ने बताया कि सभी के सहयोग से यह कार्यक्रम संचालित हो रहा है।
