Translate

सोमवार, 24 फ़रवरी 2020

पंचकल्याणक में मंगल आरती में श्रीजी के सामने नाचे भक्त।

पंचकल्याणक में मंगल आरती में श्रीजी के सामने नाचे भक्त।


//विन्द्रावन विश्वकर्मा//

घुवारा(छतरपुर)। नगर में श्री मज्जिनेन्द्र शान्तिनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ के प्रथम दिवस रविवार को दोपहर में श्री यागमण्डल विधान सानन्द भक्तिमय हुआ,सभी को मुनिश्री के मंगल वचन श्रवण करने का अवसर प्राप्त हुआ।
सायंकालीन श्रीजी की भव्य मंगल आरती की गई । श्रीजी की प्रथम आरती करने का सौभाग्य श्री महेश कुमार जैन मुनीमसाब सपरिवार ने प्राप्त किया।
द्रोणप्रान्तीय नवयुवक संघ के उपाध्यक्ष रविन्द्र जैन रवि ने समस्त जानकारी देते हुए बताया कि रात्रि में 7:30बजे
श्री जिनारती के पश्चात शास्त्र प्रवचन,एवं कलाकार चक्रेश जी सोजना एवं उनके साथियों ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए लोगों के मनोरंजन के साथ-साथ स्वर्गों के वैभव का एवं माता के सोलह स्वप्नों को शास्त्रीय तरीके से प्रस्तुत किया, उन्होंने चयनित इन्द्र-इंद्राणियों की इन्द्र सभा का आयोजन कराया।
इन्द्र सभोपरांत पण्डित श्री नन्हें भाई जी सागर एवं उनके सहयोगियों द्वारा गर्भकल्याणक पूर्व की आवश्यक एवं शास्त्रानुसार क्रियाएं सम्पादित कराईं गईं।
सोमवार प्रातःकाल 7 बजे श्रीजी का अभिषेक,शान्तिधारा, पूजन,एवं गर्भकल्याणक सम्बन्धी विधान हुआ ।
मुनिश्री ससंघ के पादप्रक्षालन का सौभाग्य श्री राजेन्द्र जैन(राजू) भौयरा सपरिवार को प्राप्त हुआ।
मा. श्री कपूरचंद जी (पूर्व मंत्री मध्यप्रदेश शासन) श्री सुनील जी घुवारा, ने मुनिश्री ससंघ के चरणों में श्रीफल समर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुनिश्री के अनेक सुदूरवर्ती भक्तों का आगमन एवं घुवारा समाज को उनके आतिथ्य का सुअवसर प्राप्त हो रहा है डॉक्टर कुलदीप जी न्यायाधीश सपरिवार भोपाल से पधारे उन्होंने सपरिवार मुनिसंघ के चरणों में श्रीफल चढ़ाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
पूज्य मुनिश्री विरंजनसागर जी महाराज ने अपने प्रवचनों में गर्भकल्याणक के सु-अवसर पर कहा- कि वर्तमान में एक नारा काफी प्रचलित है "बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ" परन्तु इस नारे का अभी भी सही मायने में पालन नहीं हो रहा है। लोग शिक्षित होकर भी गर्भपात करा रहे हैं।बेटियों की गर्भ में ही हत्या कर रहे हैं।जो भी माताएँ इस प्रकार के दुष्कर्म को करतीं हैं वो भव-भवान्तरों तक के लिए माँ बनने का अवसर खो देतीं हैं। जो आज गर्भपात करा रही है वो भी कल एक बेटी थी।उसकी माँ ने तो खुद गीले में रहकर उसको सूखे विस्तर पर सुलाया बड़े लाड़ प्यार से पाला और वही बेटी ऐसे जघन्य कृत्य कर रही अतः गर्भपात के पूर्व अपने जन्म,बचपन, और परवरिश पर विचार अवश्य करना चाहिए। मुनिश्री ने सभी को गर्भपात जैसे जघन्य कृत्य न करने हेतु संकल्प दिलाया।
24 फरवरी दोपहर 01 बजे से भगवान की माता की गोदभराई का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें रेवतीरानी एवं विरागोदय महिला मंडल,समाजजन,माता-पिता के परिजनों,रिश्तेदारों,आदि ने माता की गोद भराई की रस्म में भाग लिया।
विधान का आयोजन हुआ ।मुनिश्री के अपराह्न में वर्तमान की शिक्षा व्यवस्था एवं शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार तथा संस्कारों के महत्वादि को लेकर मंगल प्रवचन हुए।
सायंकालीन आरती करने का सौभाग्य श्री शोभालाल जी,दीपचंद्रजी,फूलचंद्रजी,सुनील डॉ पवनकुमार  शास्त्री मबई वाले परिवार को प्राप्त हुआ। भव्य गाजे-बाजे,हाथी,घोड़े,बग्घी के साथ आरती कर्ता परिवार को हस्तिनापुर नगरी में जिनवर की आरती करने का सौभाग्य प्राप्त होगा।