बुंदेलखंड विशेष पैकेज खण्ड-खण्ड...संचित अभाव के कारण जहाँ सामान्य किसान है नियतिवादी और संतोषी।
ब्यूरो नेटवर्क। जन उपेक्षाओ के साथ जिस प्रकार से लगातार 29 विधानसभा क्षेत्रों के बुन्देलखण्ड मे खिलवाड़ लम्बे समय से हुई या हो रही है उक्त संबंध मे पवनघुवारा ने बताया कि भारतीय ग्रामीण विकास संस्थान की प्रथम रिपोर्ट में आया था कि 66 प्रतिशत लोग गरीब हैं ,गरीबी का कारण जमींदारी प्रथा के मजबूत अवशेष, भूमि सुधार का अभाव, हरित क्रांति की कमी तथा पैदावार की कमी है ।साथ ही खेती योग्य भूमि का अभाव मजदूरी कम होना, अशिक्षा और पूंजी का अभाव है।
● छतरपुर जिले में 42 हजार से अधिक एक्टर भूमि बीड़ों में परिवर्तित है टीकमगढ पन्ना दतिया जिला में यही स्थिति है। दतिया जनपद में 28000 हेक्टेयर दमोह में 25000 एक्ट पन्ना में 20000 हेक्टेयर टीकमगढ 5000 हेक्टेयर भूमि गहरी और मध्यम आकार के बीहड़ों से ग्रस्त है ,साथ ही इनमें जिलो मे पन्ना के 78 गांव छतरपुर की 177 गांव, दमोह के 96 तथा दतिया के 31 गांव प्रभावित हैं, इनमें ही डाकुओं का अधिक प्रभाव बना हुआ रहा है।
● बुंदेलखंड में 9वी से 12वीं शताब्दी के बीच कलचुरी शासको ने एवं तेरहवीं शताब्दी तक चंदेल कालीन शासकों ने जल प्रबंधन में रुचि ली, तालाब कुआं और बावरियों का निर्माण कराया जिसमें टीकमगढ़ जिले में देश के सर्वाधिक 962 तालाब ,छतरपुर जिले में129 से अधिक ,पन्ना जिले में 82, सागर जिले में 56, दमोह जिले में 58, दतिया जिले में 37, आज यह सबसंरचना जीणोद्धार से वंचित हो कर अपने स्वरूप को विलीन कर रही है।
● यहां के निवासियों का जीवन आथिर्क विपन्नता के साथ,सघर्ष पूर्ण है स्त्री पुरुष दोनों ही अत्यंत परिश्रमी यद्यपि शिक्षा और स्वास्थ्य के साधन अपर्याप्त हैं, संचित अभाव के कारण सामान्य किसान नियतिवादीऔर संतोषी है।
- सागर संभाग में 2625 से अधिक गांव है जिनमें 16 लाख 14 हजार 140 परिवार निवासरत है। बुंदेलखंड के6 जिलो मे जनसंख्या जिला सागर23,78,458 , जिलाछतरपुर 17,62,375,जिला पन्ना10,16,520, जिलादमोह,12,64,219 जिलाटीकमगढ़ 14,45,166एवं जिलादतिया 78,67,54जिले में। भौगोलिक एवं सांस्कृतिक इकाई के रूप में बुंदेलखंड का क्षेत्र लगभग 70000 वर्ग किलोमीटर है। चंबल, सिन्ध, पहुंज ,बेतवा केन ,धसान ,पयस्वानी , उर्मिल,काठन,जैसी नदियां भी हैं।
● बुन्देलखण्ड में अब तक 21 सूखे पड़े है- म.प्र.केसागर, छतरपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़ एवं दतिया छ व यूपी वाले बुन्देलखण्ड के सात जिलों में चित्रकूट,बाँदा,हमीरपुर,महोबा,झाँसी,ललितपुर,जालौन शामिल है. यहाँ अब तक 21 सूखे पड़ चुके है. प्राप्त आंकड़ो के अनुसार वर्ष 1838,1868,1877,1887,1896,1897,1906,1907,1978,1980,1990,1993,202,2004,2005,2006,2009,2013,2014,2015,2016
गोरतलब है कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास के लिए मा.राहुल गांधी जी ने स्वयं दौरे कर वस्तुस्थिति को देखा जाना ओर फिर सार्थक विषेश प्रयासों किए थे।
मा.डा.मनमोहन सिंह जी प्रधानमंत्री ने वर्ष 2008/09 मे बुन्देलखण्ड को विशेष पैकेज केंद्र की यूपीए सरकार ने मप्र को 3860 करोड़ रुपए का विशेष पैकेज मंजूर किया था।
जहां म.प्र.सरकार ने 2800 करोड़ खर्च किऐ उक्त राशि का केंद्र सरकार के पास आज भी उपयोगिता प्रमाण जमा नही हुआ है खास बात है कि बुंदेलखंड पैकेज मे हुये भ्रष्टाचार पर पवनघुवारा ने हाईकोर्ट में जनयाचिका 2/5/2014 फाईल,पिटीशन क्र.16108/2014,हाईकोर्ट फैसला आया दिनांक24/11/2014,मुख्य सचिव द्वारा पत्र क्रमांक एफ-11--3/2015/1/10 दिनांक 20/2/2015 को आदेश ctev जाच प्रारम्भ हुई और अब 15/2/2020 को EOWसंज्ञान प्राथमिकि र्दज कि गई जहाँ 29 विधानसभा क्षेत्रों मे हुआ खुला दुरूपयोग भ्रष्टाचार कहे या बदहाली पर एफआईआर होने जा रही है।