कोरोना वायरस से सुरक्षा की तैयारियों एवं PCPNDT के क्रियान्वयन के संबंध में बैठक...हर खाँसी-जुकाम नही,इसलिए घबराये नही : कलेक्टर
नेटवर्क दमोह। हर खॉंसी बुखार जुकाम कोरोना नही है, इसलिए आमजन घबरायें नही, जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित प्रकरण अभी सामने नही आये है, इसे लेकर जिला प्रशासन पूर्ण रूप से सर्तक है। किसी भी संदिग्ध कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्ति की स्वास्थ्य संबंधी जाँच एवं देखभाल के लिये जिला चिकित्सालय में मॉकड्रिल की जा चुकी है। इस आशय की बात आज कलेक्टर तरूण राठी ने कोरोना वायरस से सुरक्षा की तैयारियों एवं पीसीपीएनडीटी क्रियान्वयन के संबंध में आयोजित बैठक में चर्चा के दौरान कही। उन्होंने बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तुलसा ठाकुर एवं सिविल सर्जन डॉ ममता तिमोरी से कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति की स्वास्थ्य देखभाल एवं जीवन रक्षा हेतु की गई तैयारियों के संबंध में व्यापक चर्चा की।
कलेक्टर एवं जिला स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष तरूण राठी ने प्राइवेट चिकित्सकों से चर्चा करते हुये कहा कि सभी सर्दी खॉसी से पीडित लोगों की अलग ओपीडी संचालित की जाये। परामर्श कक्ष में वेंटीलेशन प्रॅापर हो इसका ध्यान रखे। संदिग्ध कोरोना वायरस के प्रकरण संज्ञान मे आने पर जिला चिकित्सा्लय में सिविल सर्जन एवं नोडल अधिकारी डॉ प्रहलाद पटेल के संपर्क में रहकर त्वरित रूप से आवश्यक कार्यवाही की जाये।
बैठक दौरान कलेक्टर तरूण राठी ने कहा है पीड़ितों के लिये अलग से बेहतर प्रबंध किये गये है, एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित गई है। किसी भी आपात स्थिति में बेहतर प्रबंधन हेतु आइसोलेशन वार्ड बनायें गये है। कोरोना वायरस से बचाव हेतु छोटी-छोटी सावधानियॉं बरतना बेहद महत्वपूर्ण है। इन सावधानियों को अपनाकर इस वायरस से बचा जा सकता है।
उन्होंने आम नागरिकों से आग्रह करते हुये कहा व्यक्तिगत साफ-सफाई बनाये रखें, अपने हाथों को कुहनी को साबुन और पानी से अच्छी तरह से दिन में कई बार धोये। खांसी, जुकाम से पीडित लोगों से लगभग 2 मीटर की दूरी बनायें रखें। आखं, नाक एवं मुंह को बार-बार स्पर्श करने से बचें। खॉसते एवं छींकते समय मॅुह पर साफ-स्वच्छ रूमाल अथवा कपडा अवश्य रखें। सर्दी होने पर गर्म नमक के पानी से गरारे करें। भीड-भाड़ वाले स्थानों से बचें।
उन्होंने पीसीपीएनडीटी एक्ट क्रियान्वयन को लेकर नर्सिग संचालकों से कहा कि लिंग चयन की कुप्रथा है, इस पर निगरानी बनाये रखें, आवश्यक कार्यवाही हेतु पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत 3 से 7 वर्ष तक कारावास एवं 50 हजार से 01 लाख रूपये तक जुर्माने का प्रावधान है। लिंग चयन रोकने में सोनोलॅाजिस्टस, रेडियोलॉजिस्टर एवं चिकित्सक की अहम नैतिक जिम्मेदारी है। यदि कोई व्यक्ति लिंग चयन हेतु आग्रह करता है तो उसे दंडित किये जाने हेतु जिला प्रशासन का सहयोग करें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तुलसा ठाकुर ने बताया कि एहतियात के तौर पर सभी आवश्यक तैयारियॉं कर ली गई है। किसी भी संदिग्ध कोरोना वायरस से पीड़ित के स्वास्थ्य की देखभाल हेतु जिला चिकित्सालय में मॉकड्रिल की जा चुकी है। आवश्यक उपकरण, औषधियां, मास्क तथा चिकित्सक एवं पैरामेडीकल टीम की विशेष रूप से तैनाती की गई है।
उन्होंने आमजनों से अपील की है साफ-सफाई का ध्यान रखे हाथों को पानी से बार-बार विशेषकर व्यक्तिगत स्वच्छता पर लक्षणों के प्रति सावधान रहकर जरूरी बचाव के उपाय अपनाकर कोरोना वायरस से बचा जा सकता है। ऐसा इसलिये क्योंकि जब कोई खांसता अथवा छींकता है तो उसके मुंह एवं नाक से छोटे-छोटे ड्रापलेट निकलते हैं जिससे संक्रमण फैलने की आशंका होती है।
नेटवर्क दमोह। हर खॉंसी बुखार जुकाम कोरोना नही है, इसलिए आमजन घबरायें नही, जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित प्रकरण अभी सामने नही आये है, इसे लेकर जिला प्रशासन पूर्ण रूप से सर्तक है। किसी भी संदिग्ध कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्ति की स्वास्थ्य संबंधी जाँच एवं देखभाल के लिये जिला चिकित्सालय में मॉकड्रिल की जा चुकी है। इस आशय की बात आज कलेक्टर तरूण राठी ने कोरोना वायरस से सुरक्षा की तैयारियों एवं पीसीपीएनडीटी क्रियान्वयन के संबंध में आयोजित बैठक में चर्चा के दौरान कही। उन्होंने बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तुलसा ठाकुर एवं सिविल सर्जन डॉ ममता तिमोरी से कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति की स्वास्थ्य देखभाल एवं जीवन रक्षा हेतु की गई तैयारियों के संबंध में व्यापक चर्चा की।
कलेक्टर एवं जिला स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष तरूण राठी ने प्राइवेट चिकित्सकों से चर्चा करते हुये कहा कि सभी सर्दी खॉसी से पीडित लोगों की अलग ओपीडी संचालित की जाये। परामर्श कक्ष में वेंटीलेशन प्रॅापर हो इसका ध्यान रखे। संदिग्ध कोरोना वायरस के प्रकरण संज्ञान मे आने पर जिला चिकित्सा्लय में सिविल सर्जन एवं नोडल अधिकारी डॉ प्रहलाद पटेल के संपर्क में रहकर त्वरित रूप से आवश्यक कार्यवाही की जाये।
बैठक दौरान कलेक्टर तरूण राठी ने कहा है पीड़ितों के लिये अलग से बेहतर प्रबंध किये गये है, एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित गई है। किसी भी आपात स्थिति में बेहतर प्रबंधन हेतु आइसोलेशन वार्ड बनायें गये है। कोरोना वायरस से बचाव हेतु छोटी-छोटी सावधानियॉं बरतना बेहद महत्वपूर्ण है। इन सावधानियों को अपनाकर इस वायरस से बचा जा सकता है।
उन्होंने आम नागरिकों से आग्रह करते हुये कहा व्यक्तिगत साफ-सफाई बनाये रखें, अपने हाथों को कुहनी को साबुन और पानी से अच्छी तरह से दिन में कई बार धोये। खांसी, जुकाम से पीडित लोगों से लगभग 2 मीटर की दूरी बनायें रखें। आखं, नाक एवं मुंह को बार-बार स्पर्श करने से बचें। खॉसते एवं छींकते समय मॅुह पर साफ-स्वच्छ रूमाल अथवा कपडा अवश्य रखें। सर्दी होने पर गर्म नमक के पानी से गरारे करें। भीड-भाड़ वाले स्थानों से बचें।
उन्होंने पीसीपीएनडीटी एक्ट क्रियान्वयन को लेकर नर्सिग संचालकों से कहा कि लिंग चयन की कुप्रथा है, इस पर निगरानी बनाये रखें, आवश्यक कार्यवाही हेतु पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत 3 से 7 वर्ष तक कारावास एवं 50 हजार से 01 लाख रूपये तक जुर्माने का प्रावधान है। लिंग चयन रोकने में सोनोलॅाजिस्टस, रेडियोलॉजिस्टर एवं चिकित्सक की अहम नैतिक जिम्मेदारी है। यदि कोई व्यक्ति लिंग चयन हेतु आग्रह करता है तो उसे दंडित किये जाने हेतु जिला प्रशासन का सहयोग करें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तुलसा ठाकुर ने बताया कि एहतियात के तौर पर सभी आवश्यक तैयारियॉं कर ली गई है। किसी भी संदिग्ध कोरोना वायरस से पीड़ित के स्वास्थ्य की देखभाल हेतु जिला चिकित्सालय में मॉकड्रिल की जा चुकी है। आवश्यक उपकरण, औषधियां, मास्क तथा चिकित्सक एवं पैरामेडीकल टीम की विशेष रूप से तैनाती की गई है।
उन्होंने आमजनों से अपील की है साफ-सफाई का ध्यान रखे हाथों को पानी से बार-बार विशेषकर व्यक्तिगत स्वच्छता पर लक्षणों के प्रति सावधान रहकर जरूरी बचाव के उपाय अपनाकर कोरोना वायरस से बचा जा सकता है। ऐसा इसलिये क्योंकि जब कोई खांसता अथवा छींकता है तो उसके मुंह एवं नाक से छोटे-छोटे ड्रापलेट निकलते हैं जिससे संक्रमण फैलने की आशंका होती है।