//जसवंत सिंह यादव//
नेटवर्क छतरपुर। मप्र में बढ़ रहे कोरोना पीडि़तों को ध्यान में रखते हुए महिला अधिकारियों ने बड़े जोश से कोरोना को हराने के लिए जो तत्परता दिखाई है वह काबिले तारीफ है। जिसके परिणाम स्वरूप आज जिले में चारों ओर इनके कार्यों की सराहना की जा रही है।
पीआरओ छतरपुर : जन संपर्क विभाग में कार्यरत पूजा थापक ने शहर से लेकर गांवों तक की तत्कालीन घटित घटनाओं एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को सही ढंग से प्राचार - प्रसार करने में लगी जो भूमिका निभाई है वह काबिले तारीफ है। उन्होंने जिले में कोरोना महामारी से बचाव करने के लिए जनहित के हितों को ध्यान में रखते हुए बड़ी तत्परता के खबरों के माध्यम से समझाइस दी और समझाइस दी सोशल डिसटेंसिग का पालन करने के लिए समझाया। जिससे कोरोना जैसी महामारी को हराने में मदद मिली है। उन्होंने कलेक्टर महोदय के मार्ग दर्शन में बडी़ ईमानदारी और सूझबूझ से मिली खबरों का कवरेज किया है। इसी का नतीजा है कि आज जिला कोरोना जैसी महामारी से दूर है।
उन्होंने बताया कि किसी की मां बेटा से दूर तो कोई बेटा मां से दूर है और अपने परिवार से दूर,लोग रोते बिलखते मेरे पास आए लेकिन उन्हें समझाइस दी कि जान है तो जहान है। इसलिए जो जहां है वहीं पर लॉक डाउन का पालन करे। यह समस्या तो कुछ दिन की है दूर हो जाएगी लेकिन कोरोना महामारी के फैलने से तो सब कुछ बर्वाद हो जाएगा। इसलिए उन्होंने लोगों को समझाइस दी कि शासन के नियमों का पालन करें इसी में सभी की भलाई है। उन्होनेे कई भूखे लोगों की मदद शहर के समाज सेवियों के माध्यम से कराई। जिनकी सराहना बाहर से आए लोगों ने की।
नायब तहसीलदार : शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए नायब तहसीलदार संजू लोधी ने कड़ी मेहनत कर इस व्यवसथा को दुरूस्त बनाए रखा इसके लिए उन्होंने कलेक्टर महोदय के द्वारा दिए गए आदेशों का पालन किया। इसके बाद उन्होंने सभी अपील की थी कि कोरोना को हराना है तो सोसल डिसटेसिंग जरूरी है। उन्होंने बताया कि हमने अपने ऑफिस में आने वाले आवेदनों को गेट के पास रखवाई है जिसमें आवेदन रखे हैं फिर उनको सेनेटाइज कर उनकी समस्याओं अवलोकन कर यथा शीघ्र निराकरण किया जाता है।
ट्राफ्रिक इंजार्च : छतरपुर में ट्राफिक इंचार्ज पूर्णिमा मिश्रा ने खुद की परवाह किए बगैर वर्दी का मान बढ़ाने के लिए उन्होंने दिन रात लॉक डाउन के दौरान बाहर से आने जाने वाले लोगों पर कड़ी निगाह रखी। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निेर्देशन में चलाए गए हर अभियान को बड़ी ईमानदारी से निभाया। शहर में दिन रात भ्रमण कर लाकडाउन के दौरान हो रही परेशानियों को बड़े सरल तरीके से लोगों समझाया और भूखे प्यासे बाहर से आनेवाले लोगों की मदद की।
ट्राफ्रिक इंचार्ज पूर्णिमा मिश्रा ने ड्यूटी में व्यवधान पैदा न हो इसलिए उन्होंने बेटे को सागर भेज दिया था। वह ड्यूटी के बाद मिले समय में फोन में बात कर बेटे खैर खबर लेती थीं।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अर्चना गुड्डू सिंह ने कोरोना महामारी को हराने के लिए एक महिला टीम का गठन किया
जिनके माध्यम से उन्होंने मास्क बनवाकर डोर- टू डोर शहर में बटवाए और जरूरत मंदों की हर संभव मदद के लिए खाना बंटवाया। इसके उपरांत उन्होंने शहर को बचाने के लिए खुद व्यय पर ट्रैक्टरों से शहर को सेनेटाइज करा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जो फोन नंबर अपने वालेंटरियों के माध्यम से बंाटे थे उनमें जब भी फोन आता है तो उस व्यक्ति तत्परता से मदद की जाती है। यह अभियान लगातार जारी रखने की बात कही।



