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शुक्रवार, 17 अप्रैल 2020

डिप्टी कलेक्टर का प्रयास हुआ सफल....बक्सवाहा के बाजार में सोशल डिस्टेंस की दिखी खास भूमिका।



//रत्नेश रागी,रूपेश जैन//
बक्सवाहा(छतरपुर)।  बक्सवाहा में लोक डाउन के दौरान प्रशासन द्वारा मुख्य रूप से लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की जा रही है जिस क्रम में व्यवस्थाओं के लिए बक्सवाहा में तैनात डिप्टी कलेक्टर राहुल सिलाड़िया ने भी लोगों से लॉक डाउन के नियमों का पालन करने तथा सोशल डिस्टेंस बनाए रखने की अपील की है तो वही बक्सवाहा थाना प्रभारी रामनाथ तिवारी के द्वारा भी लोगों से नियमों का पालन करने की लगातार अपील की जा रही है।
क्रियोस्क दुकानों पर नियमों का पालन, लेकिन भीड़ नही हो रही है कम। 
विगत दिनों पूर्व क्रियोस्क दुकानों पर लोगों के सोशल डिस्टेंस ना अपनाने को लेकर लगातार तस्वीरे सामने आ रही थी जिसे देखते हुए डिप्टी कलेक्टर राहुल सिलाड़िया के निर्देश के बाद क्रियोस्क दुकानों पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी तैनात की गई तो वही इसके अलावा श्री सिलाड़िया ने बुधवार को बैंक में बैठक लेने के बाद नियमों के पालन को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे।
               अतः जिसके एक दिन बाद जब आज सुबह आठ बजे से बारह बजे तक बाजार खोला गया तो बाजार में अपने आवश्यकता के अनुरूप लोग समान खरीदते हुए दिखाई दिए,तो वही इसके अतिरिक्त पैसों के लेन देन के लिए लोगों की लंबी लंबी कतारें दिखाई दी,लेकिन जिस दौरान प्रशासन की अच्छी व्यवस्था भी सामने आई।
                  बता दें कि प्रशासन ने आवश्यक व्यस्थाओं को देखते हुए सर्वप्रथम सोशल डिस्टेंस के लिए निर्धारित दूरी पर गोले बनवाये तथा सहयोग के लिए पुलिसकर्मियों एवं अन्य विभागीय कर्मचारियों की ड्यूटी भी तैनात की गई तो वही इसके अतिरिक्त मुख्य व्यवस्था यह की गई कि लंबी कतार में लगे लोगों के लिए धूप ना लगें जिसके लिए टेंट लगवाया गया।
●  स्थानीय प्रशासन को हमारा सुझाव व्यक्त।
बक्सवाहा में आई इन आव्यस्थाओ को लेकर स्थानीय प्रशासन ने जो भी कदम उठाए हैं वह महत्वपूर्ण एवं उचित है अतः उनके किये गए इन प्रयासों की हम सराहना करते हैं लेकिन इनसे परे हम यह सुझाव भी व्यक्त करते हैं।
1 - ग्रामीण क्षेत्र से लोग क्रियोस्क दुकान या बैंक तक पैसे के लेनदेन के लिए आते हैं,जहाँ पर उन्हें कतारों में इंतजार करना पड़ता है अतः ऐसी स्थिति में अगर उस स्थान पर उनके पीने के लिए पानी की व्यवस्था हो तो लेन देन करने वाले ग्राहकों के सुविधा हो सकती है।

2 - अत्यधिक भीड़ होने पर कही कही कतार इतनी लंबी हो जाती है कि एक निश्चित दूरी के बाद नेशनल हाईवे तक पहुंच जाती है जो सुरक्षा की दृष्टि से सही नहीं है अतः ऐसी स्थिति में भी अगर स्थानीय प्रशासन प्रयास करता है तो व्यस्थायें और भी दुरुस्त हो सकेगी।