//दिलीप अग्रवाल//
बडामलहरा(छतरपुर)। कोरोना महामारी के बीच स्थानीय वन परिक्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य चल रहा है। तेंदुपत्ता संग्रहण से जंगली जातियों को आर्थिक राहत मिली है। पत्ता खरीदी के दौरान वायरस संक्रमण से बचाव के पूरे प्रबंध किए गए है। परिक्षेत्र में इस वर्ष करीब 15 हजार मानक बोरा तेंदुपत्ता खरीदी का लक्ष्य तय है।
स्थानीय वन परिक्षेत्र में विगत 10 अप्रैल से तेंदुपत्ता तुडाई कार्य शुरु हो चुका है यह आगामी 30 मई तक चलेगा। विभाग की मानें तो आगामी एक सप्ताह में लक्ष्य आसानी से पूरा किया जा सकेगा। वन परिक्षेत्राधिकारी आरबी खरे ने बताया कि, शासन के निर्देशानुसार क्षेत्र में तेंदुपत्ता तुडाई व संग्रहण कार्य जोरो पर है। 16 समितियों में आधी समितियां ही विक्रित हुई है जबकि शेष समितियों में विभागीय तौर पर तेंदुपत्ता खरीदी चल रही है। वर्ष 2020-21 में 14 हजार 8 सौ मानक बोरा तेंदुपत्ता खरीदी का लक्ष्य मिला है इसमें गुरुवार तक 11 हजार 352.950 मानक बोरा खरीदी हो चुकी है। घिनौची समिति के संग्राहकों को 6.5 लाख रुपये का भुकतान भी किया जा चुका है। शेष समितियों में भुकतान प्रक्रिया लंबित है। बह बताते है कि, 14 हजार तेंदुपत्ता संग्राहक परिवारों को विभाग ने कार्ड वितरित किये है। क्षेत्र में 50 हजार संग्राहक तेंदुपत्ता संग्रहण कार्य में लगा हुआ है। शासन के निर्देशानुसार इस वर्ष 25सौ रुपये प्रति मानक बोरा के हिसाब से खरीदी की जा रही है। संग्राहकों को नगद भुकतान के निर्देश मिले है। विभागीय अमला द्वारा तेंदुपत्ता फडों की सतत निगरानी की जा रही है। खराब व कम पत्तों की गड्डी मिलनें पर संग्राहकों को हिदायत देकर सुधार कराया जा रहा है। दलीपुर, अमरवां, विश्वां के अलावा जिन फडों पर खराब पत्ता आ रहा था वहाँ खरीदी बंद की गई है। राजापुर समिति में पिछले वर्ष 23 सौ मानक बोरा का लक्ष्य था जबकि, इस वर्ष 17 सौ मानक बोरा तेंदुपत्ता का लक्ष्य था इसलिये यहाँ समय से पूर्व ही लक्ष्य पूर्ति हो गई और खरीदी रोकी गई है।
