Translate

सोमवार, 1 जून 2020

छतरपुर। टैक्टर-ट्राली पलटने से रेत माफिया के चंगुल में मजदूरी करने वाले ड्राइवर की मौत...आखिर अब जिम्मेदार कौन???



नेटवर्क छतरपुर। जिले के घुवारा क्षेत्र में इन दिनों रेत माफियाओं के होंसले बहुत बुलंद हैं ।रेत माफिया इन दिनों सरकार को राजस्व का लाखों का चूना लगाने में लगे हैं। और यह रेत माफिया किसी की जान को एक आम के फल की भांति मापते हैं कि कभी भी कुचल दो कभी भी मसल दो कोई परबाह नहीं।

 ऐसा ही मामला वर्तमान में नगर घुवारा में आया है कि रेत का अबैध परिवहन करने बाले पवन शुक्ला और लक्खू शुक्ला का रेत से भरा टैक्टर ट्राली पलट गया जिसमें चालक सरजू प्रजापति की मौके पर मौत हो गई। जब इन दोनों रेत माफिया भाईयों को पता चला कि रेत भरने गया टैक्टर ट्राली पलट गई तो यह दोनों मौके पर पहुंचे और देखा कि ड्राईवर सरजू प्रजापति मौत के हवाले हो गया है तो इन्होंने सोचा कि कहीं हमारा रेत का काला कारोबार बंद न हो जाये और टैक्टर ट्राली जब्त होकर हमारे ऊपर दोष न आ जाए

●  मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया।

मृतक सरजू प्रजापति नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुवारा ले गये और मृतक को टीकमगढ़ ले गये। बड़ा सवाल यही है कि जब मजदूर ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई तो स्वास्थ्य केंद्र घुवारा ले गए। जहां से डाॅक्टरो द्वारा स्वास्थ्य केंद्र से टीकमगढ़ जिला अस्पताल भी रैफर कराया गया इसमें स्वास्थ्य विभाग की भी बड़ी लापरवाही समझ में आती है।
मृतक सरजू प्रजापति के पिता कूरा प्रजापति ने आरोप लगाया है कि रेत माफिया पवन शुक्ला और लक्खू शुक्ला अपनी पत्रकारिता एवं पैसे का की दम दिखाकर मामले को दबाने में लगे हुए हैं।और मृतक की पत्नी ने आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस भी इन रेत माफियाओं पर महरवान है और इसी की महरवानी के चलते हमारे पति के साथ अन्याय हो सकता है और मामले को आसानी से दवा देंगे ।
साहब ! हम मजदूर आदमी है हमारे तीन छोटे छोटे बच्चे हैं अब हमारा एवं हमारे परिवार का भरण पोषण कौन करेंगे ।

●  इनका कहना है कि...

(परिजन)

संजय बेदिया (चौकी प्रभारी घुवारा)