//रमेश अग्रवाल//
नेटवर्क पन्ना। जिले में कोरोना संक्रमण के मरीजों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। जो कि जिले के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। जिसको लेकर जिले के कलेक्टर कर्मवीर शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी तथा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एल के तिवारी लगातार जिले की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर संक्रमित व्यक्तियों को भर्ती कराने के साथ ही उन्हें बेहतर उपचार व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए लगे हुए हैं । पन्ना जिले में आज दिनांक 1 जून को जिले के अजयगढ़ तहसील क्षेत्र के ग्राम शाहपुर में जहां सुबह एक कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति पाया गया था । वही शाम को जो जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं उसमें पन्ना जिला चिकित्सालय में पदस्थ एक स्टाफ नर्स का कोरोना पॉजिटिव सैंपल बताया गया है । जिसके बाद से जिला अस्पताल के कर्मचारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। बताया जाता है कि जो जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे थे उनमें से जिनकी ड्यूटी कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के सैंपल तैयार करने में लगी हुई थी और सुरक्षा की दृष्टि से स्वास्थ्य कर्मचारियों के कुछ सैंपल जांच हेतु भेजे गए थे। जिसमें से एक स्टाफ नर्स का जांच कोरोना पॉजिटिव आने के चलते जिला अस्पताल के कर्मचारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
जो जिला अस्पताल पन्ना की स्टाफ नर्स कोरौना पॉजिटिव पाई गई है। उसके संबंध में जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एल के तिवारी जी से दूरभाष पर संपर्क करना चाहा मगर उनसे संपर्क नहीं हो सका है। लेकिन जो स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों से जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक जिला अस्पताल कि एक स्टाफ नर्स कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। जिसको मिलाकर अब जिले में कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 20 पहुंच गई है। वही अभी तक 3 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर पहुंच चुके हैं । जबकि 17 कोरोना पॉजिटिव मरीजों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है।जिला चिकित्सालय पन्ना में कार्यरत स्टाफ नर्स एवं अन्य कर्मचारियों के लिए इस कोरोना महामारी को देखते हुए ड्यूटी के दौरान ग्लब्ज एवं कैप अनिवार्य रूप से देना चाहिये था। मगर जिला अस्पताल प्रबंधन द्वारा अभी तक सभी कर्मचारियों को गिलव्ज एवं कैप उपलब्ध नहीं कराए गए हैं । जिसकी वजह से जिला अस्पताल में कार्यरत कर्मचारी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं । स्वस्थ्य कर्मचारी अपनी बात को लेकर वह अपने वरिष्ठ अधिकारियों तक खुलकर नहीं कह पा रहे हैं। इसके साथ ही जिले के अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी ग्लबज एवं कैप का अभाव बना हुआ है । जिले के जिम्मेदार अधिकारियों एवं जिला के जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा है कि जो दूसरे का जीवन बचाते हैं। ऐसे कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर महामारी से संबंधित बचाव हेतु सभी उपकरण स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को उपलब्ध कराए जाएं। ताकि वह अपनी सुरक्षा के साथ साथ मरीजों को सुरक्षा उपलब्ध करा सकें।

