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शनिवार, 1 अगस्त 2020

बिजावर। मनरेगा के काम में हुआ बड़ा घाेटाला राेजगार सहायक एवं सरपंच ने हड़पी हितैषी खेत तालाब की राशि...हितग्राही ने भी स्वीकारा माैके पर नहीं कराया कार्य।

//जसवंत सिंह यादव//
बिजावर(छतरपुर)। काेराेना संक्रमण काे देखते हुये जिला कलेक्टर प्रवासी मजदूराें काे अधिक से अधिक राेजगार मुहैया कराने काे लेकर मध्य प्रदेश शासन की गाईड लाइन के अनुसार कई अादेश कर चुके है पर जनपद पंचायत बिजावर की ग्राम पंचायत पतरा के राेजगार सहायक हरदयाल अहिरवार एवं सरपंच विकास असाटी ने ताे हद ही पारकर डाली अाैर कागजाे पर ही बनाडाला खेत तालाब !वर्ष 2019-20 में मीरापाल के नाम हितैषी खेत तालाब स्वीकृत हुअा था जिसका ना माैके पर कार्य किया गया अाैर ना मनरेगा मजदूराें काे मजदूरी दी गई! बल्कि फर्जी तरीके से मस्टर राेल तैयार कर कागजी घाेड़े-दाेडा़कर कागजाें पर ही हितैषी खेत तालाब की राशि 
निकाल ली गई ! जिसे स्वयं मीरावाई पाल एवं हितेषी खेत तालाब की मेंड़ वाले ही स्वीकार चुके हैं कि माैके पर काेई भी कार्य नही कराया गया ! अाैर जमीन की हिस्सेदार गेंदावाई पाल भी बता रही है कि माैके पर काेई भी कार्य नही कराया गया ! बल्कि जाे फर्जी मस्टर राेल जारी किये है उसमें मुन्ना अहिरवार काे मजदूर बनाया गया लेकिन मजदूर काे ये भी पता नही की कब हितैषी खेत तालाब हुअा कब पैसे डाले गये ! जबकि इन सब कार्याे के मूल्यांकन भी सब इंजीनियर माैके पर पहुंचकर तैयार करता है !
          जब इस पूरे मामले की छान बीन की गई ताे पता चला कि इस पंचायत में अाैर भी कई याेजनाअाे हैं अगर उनकी जांच की जाए तो मिली भगत के बड़े कारनामें उजागर हाे सकते हैं

●  इनका कहना है कि....

पूरे मामले में जनपद सीईओ अखिलेश उपाध्याय का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ बर्खास्तगी तक की कार्यवाही की जा सकती है....................... अखलेश उपाध्याय जनपद पंचायत सीईअाे बिजावर