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मंगलवार, 18 अगस्त 2020

पन्ना। बे-सुध प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान.... सैलाव बन गई आदिवासी बस्ती।


 

//मदन साहू//         

नेटवर्क पन्ना। प्रशासन विकास और सुविधाओं  के दावे तो बहुत करती है।लेकिन आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में वास्तविकता कुछ और ही देखने को मिलती है।कुछ इसी तरह का प्रशासन की पोल खोल देने वाला मामला पन्ना विकासखंड की ग्राम पंचायत इटवांखास के अंतर्गत ग्राम पटपरा आदिवासी बस्ती से सामने आया है।जहां पटपरा आदिवासी बस्ती विगत तीन महीनों से पानी में डूबी हुई है।वहीं   पानी में हैंडपंप डूबने से ग्रामीणों को मजबूरीवश दूषित पानी पीना पड़ रहा है।जो कोरोना के बीच ग्रामीणों को अन्य गंभीर संक्रमित बिमारी को न्यौता दे सकता है। सिरस्वाहा बांध में अत्यधिक  जलभराव से नदी में पानी उफान पर है।जिससे पटपरा आदिवासी बस्ती सहित खिरवा,मैरा ग्राम का भी ग्राम पंचायत मुख्यालय इटवांखास से संपर्क टूट गया है।ज्ञात हो कि नदी पर 2016-17 में पुल के निर्माण के नाम पर,नदी के बीच सड़क का निर्माण कर दिया गया था।जिस घोर लापरवाही के चलते ग्रामीण आज जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं।स्थानीय निवासी तेजभान,रजनीश सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर कई बार प्रशासन को ज्ञापन दिए जा चुके हैं और मीडिया में भी मामले को लगातार विगत तीन वर्षों से उठाया जा रहा है।लेकिन प्रशासन अभी भी हाथ पर हाथ रखे बैठा है और अभी तक प्रशासन द्वारा  समस्या को लेकर कोई भी संतोषजनक कार्यवाही नहीं की गई है।अब देखना यह होगा कि प्रशासन कितनी जल्दी कुम्भकरणी नींद से जागकर ,ग्रामीणों को मुसीबत से निजात दिलाने आगे आता है।