ब्यूरो छतरपुर। कलेक्टर श्री शीलेन्द्र सिंह ने सोमवार को समय-सीमा की समीक्षा बैठक में अधिकारी-कर्मचारियों को मास्क लगाकर ही कार्यालय में आने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण सतत होगा और जिस कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी बिना मास्क के पाए जाएंगे उनके खिलाफ कम से कम 500 रूपए का अर्थदण्ड लगेगा। कलेक्टर ने कार्यालय प्रमुखों से अपेक्षा की है कि वह अपने कार्यालय के सभी कर्मचारियों-अधिकारियों को नियमित रूप से मास्क लगाकर उपस्थित होने के निर्देश का कड़ाई से पालन कराएं।
• 45 वर्ष+ उम्र के अधिकारी-कर्मचारी लगवाएं कोविड टीका
कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को परामर्श देते हुए कहा कि 45 वर्ष से अधिक उम्र के अधिकारी और कर्मचारी कोविड संक्रमण से बचाव के लिए यथाशीघ्र अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराएं और की गई कार्यवाही की सूचना भी दें। उन्होंने कहा कि मानवीय जीवन की सुरक्षा के लिए कोविड टीकाकरण कराना सुरक्षित है तो कोविड दिशा-निर्देशों का पालन करना हर एक की जिम्मेदारी एवं कर्त्तव्य है। इसीलिए मेरा मास्क मेरी सुरक्षा की भावना को सार्थक करें और सामाजिक दूरी का दिनचर्या मेें व्यवहारिक तौर पर पालन भी करें।
• समर्थन मूल्य पर पुराने गेहूं की खरीदी नहीं हो, प्रयास करने वाले के खिलाफ दर्ज हो एफआईआर।
कलेक्टर ने समर्थन मूल्य केन्द्रों से शुरू हो चुकी खरीदी की समीक्षा में नोडल विभागीय अधिकारियों को दोटूक शब्दांे में निर्देश दिए कि प्रत्येक केन्द्र के नोडल अधिकारी इस बात का ख्याल रखें कि समर्थन मूल्य पर किसी भी स्थिति में पुराना गेहूं नहीं खरीदा जाए। यदि किसी व्यक्ति विशेष के द्वारा ऐसा प्रयास किया जाता है तो संबंधित के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कराएं।
• व्यवस्थित तरीके से मनाए अन्न उत्सव कार्यक्रम।
कलेक्टर श्री शीलेन्द्र सिंह ने साप्ताहिक समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि माह की प्रत्येक 7 तारीख को आयोजित किए जाने वाला अन्न उत्सव कार्यक्रम व्यवस्थित एवं
प्रभावी रूप से मनाएं। इस दिन पात्र सभी हितग्राहियों को शत-प्रतिशत खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित करेें।
कलेक्टर ने विभागवार समय-सीमा की समीक्षा में निर्देश दिए कि जिन विभागों में समाधान ऑनलाइन के प्रकरण अधिक संख्या में लंबित हैं। उन विभागों के अधिकारी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष प्रयास करें और मुख्यमंत्री समाधान ऑनलाइन सहित लंबित अन्य समस्याओं के संतुष्टिपूर्वक समाधान के लिए हितग्राहियों से सीधे बात करें। किसी भी स्थिति में शिकायतों का फोर्स क्लोज्ड नहीं करें। उन्होंने छतरपुर जिले के एसडीएम को निर्देश दिए कि पूर्णा अभियान की सतत समीक्षा करें।
कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय छतरपुर के आकस्मिक निरीक्षण के लिए तैनात किए गए अधिकारियों से किए निरीक्षण के संदर्भ में समीक्षा कर फीड बैक लिया गया और चिकित्सालय की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने पीएम स्वनिधि ऋण वितरण योजना की समीक्षा में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत शत-प्रतिशत प्रकरणों में बैंकों से सम्पर्क करते हुए ऋण वितरण कराएं और प्रगति की जानकारी भी नियमित रूप से दें।