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सोमवार, 21 जून 2021

घुवारा। अन्धे मोड़ पर गति अवरोधक न होने से दो बसों मैं हुई हल्की टक्कर , हो सकता है बड़ा हादसा।



◆ ग्रामीण बोले कुम्भकर्णीय नींद में सो रहा है स्थानीय प्रशासन

//अक्षय जैन//

घुवारा(छतरपुर)।  तहसील  के भगवा नगर में स्थित छत्रसाल तिराहा पर बड़ामलहरा - घुवारा मार्ग पर गति अवरोधक न होने से आये दिन हादसों की संख्या में इजाफा हो रहा है ओर प्रशासन आंखे बंद ओर कानो में रुई लगातार कुम्भकर्णीय नींद पूरी करने में लगा हुआ है मामला दिन रविवार का है जब दिन रविवार को बड़ामलहरा घुवारा मार्ग पर भगवा नगर में स्थित छत्रसाल तिराहा अंधा मोड़ पर दो बसों के  आमने - सामने होने से हल्की टक्कर हो गई टक्कर हल्की थी इसलिए किसी भी बस में बैठे हुए मुसाफिरों का जान - माल का नुकसान नहीं हुआ और बस चालको का विवाद आपस में ही सुलट गया लेकिन यह विषय पूरे क्षेत्र में एक चर्चा बना हुआ है कि आखिर प्रशासन किस बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है सरकार के द्वारा सड़क तो डाली गई है लेकिन उस पर जन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी नही है भगवा नगर में मुख्य मार्ग पर कई विद्यालय , मंदिर , अस्पताल आदि विशेष संस्थान स्थित है विद्यालयों में अबोध बच्चो का ओर मंदिरों में बुजुर्गों का आना अस्पताल मैं मरीजो सड़क के इस पार से उस पार तक आना जाना  लगातार लगा रहता है ओर गति अवरोधक न होने से कई बार स्कूल जाते बच्चे , मंदिर जाते बुजुर्ग , अस्पताल जाते मरीज दुर्घटनाओं के शिकार हो  चुके है और कुछ लोग तो जान से भी हाथ धो चुके है नगर के बुद्धिजीवियों की माने तो नगर में मुख्यमार्ग पर पांच गतिअवरोध की आवश्यकता है लेकिन प्रशासन के द्वारा मुख्यमार्ग पर एक भी गतिअवरोधक नही बनवाया गया है जिससे कई लोग आए दिन दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे है ऐसा ही मामला नगर में स्थित अंधे मोड़ का है अंधे मोड़ पर गतिअवरोधक न होने से कई वाहनों की आपस में टक्कर भी हो जाती है इस समस्या को लेकर नगर के जनप्रीतिनिधि , सामाजिक संगठनों एवं बुद्धिजीवियों के द्वारा कई बार स्थानीय प्रशासन  एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को कई बार दूरभाष के माध्यम से एवं कई बार लिखित मै शिकायती आवेदन दिए जा चुके है लेकिन अभी तक सम्बंधित विभाग के अधिकारी कुम्भकर्णीय नींद में सो रहे है नगर के युवा देवांश असाटी का कहना तो यहां तक है जन सुरक्षा की व्यवस्था को देखते हुए कई बार नगर के यूवाओ के द्वारा निर्धारित आवश्यक स्थानों पर गतिअवरोधक बनाये गए है लेकिन प्रशासन के द्वारा उन गतिअवरोधक को तोड़ दिया जाता है स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित विभाग की उदासीनता एवं लापरवाही के चलते कई लोग दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे है भविष्य में अगर कोई बड़ी दुर्घटना घटती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को सोंपी जाएगी अब देखना ये है मामला अखवारों की सुर्खियां बनने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी नींद से जागेगे या नही अगर जागते है तो आखिर कब तक कोई बड़ी दुर्घटना के पहले या बाद ये तो वक़्त ही बताएगा लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते लोग दुर्घटनाओं के शिकार लगातार हो रहे है।