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मंगलवार, 27 जुलाई 2021

छतरपुर। महाराजा महाविद्यालय में मूर्ति शिल्पकला प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ आयोजन।

ब्यूरो छतरपुर। शासकीय महाराजा महाविद्यालय की स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना के द्वारा मूर्ति शिल्पकला की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. डी पी शुक्ला ने किया। वहीं छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण अन्‍तर्राष्‍ट्रीय ख्याति प्राप्त डॉ कीर्ति सिंह ठाकुर विभागाध्यक्ष चित्रकला शासकीय गीतांजलि महाविद्यालय,भोपाल के द्वारा दिया गया। इस कार्यशाला में जिला नोडल अधिकारी डॉ जे पी शाक्य वरिष्ठ प्राध्यापक, डॉ जे एस परिहार योजना के प्रभारी प्रो. सुधीर कुमार छारी तथा 37 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। 

स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना के जिला नोडल अधिकारी डॉ जे पी शाक्य ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की लोकल फॉर वोकल योजना के तहत आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने की संकल्पना को पूर्ण करने तथा विद्यार्थियों को स्वरोजगार के लिये प्रेरित व प्रशिक्षित करने के उददेश्‍य से मूर्ति शिल्पकला की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। यह कार्यशाला छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण के उपरांत स्वरोजगार स्थापित करने में मदद करेगी। प्राचार्य डॉ डी पी शुक्ला ने प्रशिक्षणार्थियों  को संबोधित करते हुए कहा कि मूर्ति शिल्पकला एक पारंपरिक शिल्पकला है, जो आज व्यावसायिक रूप ले चुकी है। भारतीयों द्वारा निर्मित समकालीन मूर्तियों की मांग भारत में 8 प्रतिशत एवं विदेशी बाजारों में 30 प्रतिशत तक बढ़ी है। वहीं पारंपारिक मूर्तियों की मांग स्थानीय बाजारों में 25 प्रतिशत तथा अंर्न्तराष्ट्रीय बाजारों में 40 प्रतिशत तक बढी है। छात्र-छात्रायें मूर्ति शिल्पकला में प्रशिक्षित होकर स्वरोजगार स्थापित कर सकतें है। प्रशिक्षक तथा मूर्ति कला विशेषज्ञ डॉ कीर्ति सिंह ठाकुर ने छात्र-छात्राओं को बताया कि वर्तमान समय में मूर्ति शिल्पकला के द्वारा निर्मित देवी-देवताओं तथा महापुरूषों की मूर्तियों , घरों की आंतरिक साज-सज्जा की सामग्री, दीपक, माडल्स, क्राफ्टवर्क, क्राकरी , कुल्लड़ आदि की बाजारों में मांग बढती जा रही है। मूर्ति बनाने के लिये काली या चिकनी मिट्टी तथा पीओपी की आवश्यकता होती है। उन्होंने मूर्तिकला के लिये मिट्टी तैयार करने, मूर्ति बनाने की कार्यशैली एवं सावधानियों के संबंध में विस्तारपूर्वक बताया। इस कार्यशाला मे सोमेन्द्र चतुर्वेदी, अमन कुमार चौबे, रितेश वर्मा , संजय, आयुष खरे, उपेन्द्र कुमार, ब्रह्यमानंद शुक्ला, अनुप्रिया पाठक, अनामिका शुक्ला, मेघा निरंजन, आकांक्षा विश्वकर्मा, दीक्षा सिंह, ख्याति अग्रवाल, आदि 37 विद्यार्थियो ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यशाला के अंत में योजना के प्रभारी प्रो. एस के छारी ने कार्यशाला की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए सभी के प्रति धन्यवाद व आभार व्यक्त किया।