//राजीव शुक्ला//
खजुराहों(छतरपुर)। खजुराहो के पुरानी बस्ती स्थित घंटाई मंदिर के पास एक सूखे कुएं में दो बैलों के गिर जाने पर बड़ी मशक्कत के बाद लगभग 4 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन पश्चात उन्हें नगर परिषद खजुराहो के विशेष सहयोग के साथ सुरक्षित बाहर निकाला गया ।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग अंतर्गत प्रांगण में स्थित इस कुएं को लेकर काफी लंबे समय से लोग समस्या ग्रस्त हैं लेकिन स्थानीय आर्कलॉजिकल डिपार्टमेंट के अधिकारियों- कर्मचारियों की निष्क्रियता के चलते बस्ती के बीचो बीच स्थित यह विशाल प्रांगण उपेक्षा का शिकार है , इतना ही नहीं यह खुला पड़ा मैदान काफी दिनों से गंदगी का अंबार और स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ाते हुए पर्यटन के दृष्टिकोण से बेहद उपेक्षित स्थल है ।
पुरातत्व अधीक्षक जबलपुर श्री सुजीत नयन से पत्रकार राजीव शुक्ला की हुई बातचीत के अनुसार उन्होंने भरोसा दिलाया है कि चूंकि भू - अधिग्रहण का कार्य अधूरा होने के चलते कुछ तकनीकी समस्याएं हैं लेकिन इसके बावजूद भी शीघ्र ही इस विशाल उपेक्षित पड़े भूभाग को लोहे के खंभे एवं तारों से घेर लिया जाएगा जिससे अंदर किसी भी तरह की कोई गंदगी ना हो सके तथा आज की तरह आने वाले दिनों में भी अनहोनी से बचा जा सके इस हेतु शीघ्र ही प्रयास किए जाएंगे ।
फिलहाल आज के इस रेस्क्यू ऑपरेशन में मुख्य रूप से गौ सेवक राजकुमार द्विवेदी एवं राम कुमार पांडे सहित स्थानीय जनों के अथक प्रयासों के चलते नगर परिषद खजुराहो की विशेष भूमिका के साथ इन दोनों ही बैलों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है ।