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शुक्रवार, 23 सितंबर 2022

घुवारा। ग्रामीण अंचलो के क्योस्क बैंक नगर से हो रहे संचालित....आखिर यह कैसा नियम...?

//विन्द्रावन विश्वकर्मा//

घुवारा(छतरपुर)।  बैंको में लगातार बढ रही भीड के कारण आम ग्राहक परेशान है ग्राहक को लेनदेन में परेशानी न हो घंटो लाईन में खडा न होना पडे साथ ही लेनदेन करने में सुविधा हो जिसके लिए शासन ने हर ग्रामीण अंचल पर क्योस्क बैंक खोले गये है लेकिन ये क्योस्क बैंक ग्रामीण अंचलो में संचालित न होकर नगरीय क्षेत्र से चल रह है जिससे इन खोले गये क्योस्क बैंको से ग्रामीण अंचल के ग्राहको को सुविधा की बजह परेशानी खडी हुई है साथ ही इन क्योस्क संचलको द्धारा फर्जी तरीके से इनके खातो से रकम निकाल ली जाती है कई खाते दारो की फर्जी रकम निकालाने के मामले सामने आते हुये मैन ब्रांच तक गये लेकिन ब्रांच मे जिम्मेदार कहे जाने बाले ब्रांचमैनेजर के द्धारा कोई कार्यवाही नही की जाती जिससे ब्रांच मैनेचर की कार्यशैली पर भी सबालिया निशान खडे होते हुये मिलीभगत के आरोप खडे होते है ।

बात घुवारा नगर की भारतीय स्टैड बैंक की करे तो  आरवीआई द्धारा ग्रामीण क्षेत्र मे करीब 15 क्योस्क बैंक खोलते हुये आईडी दी है जिसमें  की कुटौरा की आईडी पंचम रैकबार, स्वारा की आईडी राजेश जैन,बूदौर की आईडी सुशील असाटी,विश्वा की आईडी राजेन्द्र दुवे,बछराबनी की आईडी रामअवतार सिंह,सेवार की आईडी सुबोध जैन,सिमरिया की आईडी रामप्रसाद चढार आदि को जारी करते हुये अपने सुनिश्चित स्थान पर काम करके लोगो को सुबिधा देने की बात कही है लेकिन इन क्योस्क संचालको द्धारा ग्रामीण अंचलो को छोडकर घुवारा से काम कर रहे है जिससे लोगो सुबिधा की बजह परेशानी खडी हो रही है क्योकि ग्रामीण अंचलो में जनता के अधिकांश खाते क्योस्क बैंको में खुले है और उन्ही खातो में तमाम पैंशन जैसे बद्धा पेंशन बिधवा पेंशन निसख्तजन पेशन जैसी तमाम पेंशन आती है लेकिन इन लोगो को अपना पैसा निकालने के लिए 10 किमी की दूरी तय करके आना पड रहा है और घंटो इंतजार करने के बाद क्योस्क संचलको से गिडगिडाते हुये पैसा निकालने की बात करते लेकिन कभी क्योस्क संचालक सर्वर न होने की बात कह देते है तो कल आने का बोल देते है जिससे लोगो को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है जिसकी जानकारी ब्रांच मैनेजर अखलेश सिंह को पता होने के बाद भी इन फर्जी तरीके से चल रही क्योस्क संचालको पर कोई कार्यवाही नही की जाती है।

•   बैंक मे करते नौकरी सामने चलाते क्योस्क बैंक़।

बात करे क्योस्क आईडी तो कुछ आईडी धारक स्टैड बैंक घुवारा में पंचम रैकबार व धर्मेंद्र प्रजापति नौकरी करते है जिसमे पंचम रैकबार को कुटौरा की आईडी तो वही धर्मेन्द्र प्रजापति की पत्नि पूजा प्रजापति को अमरवां की आईडी दी गई है  आखिरकार ये व्यक्ति दो जगह कैसे काम करते होगे ये सब जनता की समझ से परे है जब इस सबंध मे पडताल की गई तो पता चला कि ब्रांच मैनेचर अखलेश सिंह घुवारा से  क्योस्क चलबाने के ऐवज मे कुछ रकम ली जाती है।

•   हर माह अधिकारी करते विजिट।

आरबीआई बैंक द्धारा हर माह के अंतिम दिनो में क्योस्क बैंको को विजिट करके क्योस्क बैंक सुनिश्चित स्थान सहित सही तरीके से चले जिसके लिए अधिकारी आते है लेकिन ये अधिकारी हर माह आते है लेकिन कहां से विजिट करते है ये अधिकारी ही बता सकते है क्योकि ग्रामीण अंचलो में तो कही कोई क्योस्क संचालक बैंक नही खोले है बल्कि सभी नगरी क्षेत्र मे बैठकर काम कर रहे सूत्रो से पता चला है कि जिस दीन अधिकारी चैक करने के लिए आते है वो एक जगह बैठकर ही रजैस्टर  पर हस्ताक्षर करके और अपने महीने का तय सुधा रकम लेकर चले जाते है जिससे साफ जाहिर होता है कि स्थानीय ब्रांच में बैठे ब्रांचमैनचर अखलेश सिंह के द्धारा बडी सेटिंग के साथ जनता के छलाबा किया जा रहा है।

जब इस सबंध ब्रांच मैनेजेर अखलेश सिंह से बात की तो उन्होने बेहूदा जबाब देते हुये कहां कि हमे पता नही है कहां चल रहे है अगर किसी को परेशानी है तो लिखित शिकायत करे बरना चलने दो।

जब इस संबध में जिला क्योस्क बैंक आरबीओ दीपेश सिरोडी से बात हुई तो उनका कहना अगर ग्रामीण अंचल मे क्योस्क संचालित नही तो गलत है आपने जानकारी दी मै ब्रांच मैनेचर से बात करता हूँ।