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सोमवार, 15 जुलाई 2024

वर्षों बीत गए रेडक्रास सोसायटी की बैठक नहीं हुई।

 

//विन्द्रावन विश्वकर्मा//

नेटवर्क छतरपुर। जिले में रेडक्रास सोसायटी के माध्यम से शहर में सैकड़ों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने एवं रेडक्रास के द्वारा गरीब लोगों को उपचार के लिए सहायता राशि उपलब्ध कराना एवं रेडक्रास के द्वारा अस्पताल में प्रायवेट वार्ड बनाए गए थे और वर्ष 1990 में तत्कालीन कलेक्टर एमके राउत के द्वारा रेडक्रास सोसायटी के आजीवन सदस्य एवं एक कार्यकारिणी का गठन किया था। उसके बाद से ही छतरपुर शहर में दुकानों का जाल फैला और शहर में चारों तरफ विकास हुआ और बेरोजगार युवकों को रोजगार उपलब्ध हुआ। कलेक्टर एमके राउत तत्कालीन कलेक्टर आरएस जुलानिया ने भी उन्हीें की तर्ज पर रेडक्रास सोसायटी का उत्थान किया और रेडक्रास के माध्यम से शहर में दुकानों का निर्माण कराया। उसके बाद वर्ष 1998 में तत्कालीन कलेक्टर जेएन कंसोटिया के द्वारा जिला अस्पताल में वर्न यूनिट का निर्माण कराया जिससे कि जले हुए मरीजों को उसमें भर्ती कर उनका इलाज हो सके। यही नहीं प्रायवेट लोगों के सहयोग से सभी प्रायवेट में एसी लगवाए। इसके अलावा शहर में सर्किट हाउस के नीचे रेडक्रास की दुकानों का निर्माण कराया और रेडक्रास से गरीब पीडि़तों को सहायता राशि उपलब्ध कराई। परंतु इन तीन कलेक्टरों के जाने के बाद रेडक्रास सोसायटी की कोई भी बैठक व गतिविधियां नहीं हुईं। रेडक्रास के नाम पर शस्त्र लायसेंस स्वीकृत कराने वालों को रेडक्रास की रसीदें जरूर काटी जा रही हैं। यही नहीं शहर के अंदर लगभग 280 दुकानें रेडक्रास द्वारा संचालित हो रही है। इन दुकानों का किराया लाखों रुपए में प्रतिमाह आता है। किंतु गरीब तपके के लोगों को रेडक्रास सोसायटी से कोई भी सहायता राशि उपलब नहीं हो पा रही है। रेडक्रास सोसायटी के आजीवन सदस्यों ने मांग की है कि रेडक्रास सोसायटी की एक बैठक अतिशीध्र बुलाई जाए और बैठक में रेडक्रास सोसायटी को पुन: जीवित किया जाए। वर्तमान में 1990 में पदस्थ कलेक्टर एमके राउत छत्तीसगढ़ में रेडक्रास सोसायटी छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष हैं। और वे छत्तीसगढ़ में रेडक्रास सोसायटी का संचालन कर रहे हैं।