//राजा ठाकुर//
नेटवर्क दमोह। जिले की तहसील बटियागढ़ के हरदुआ जामसा ग्राम में 11 अगस्त से फैले उल्टी-दस्त की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य अमले द्वारा मुस्तैदी से ग्राम में शिविर लगाकर 396 ग्रामीणजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया जिसमें अभी तक 239 उल्टी-दस्त से संक्रमित मरीज पाये गये। सभी को प्राथमिक स्वास्थ्य उपचार देखभाल सेवायें चिकित्सक द्वारा दी जा रही है।
बी.एम.ओ. डॉ. श्रवण पटेल ने बताया गत दिवस 13 अगस्त को हरदुआ जामसा ग्राम में स्वास्थ्य शिविर लगाकर 123 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। उल्टी-दस्त के 51 नवीन मरीजों में से गंभीर पाँच गंभीर मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भेजा गया था। इनमें से एक ग्राम की सरोज लोधी की मृत्यु रास्ते में एवं ग्राम के बुजुर्ग अजुद्दी आदिवासी की मृत्यु उपचार दौरान हुई। आज उल्टी-दस्त से पीड़ित 37 नये मरीजों की पहचान की गई। सभी को प्राथमिक उपचार सेवा दी गई। स्वास्थ्य की गंभीरता को देखते हुए तीन मरीजों को बटियागढ़ रेफर किया गया। अभी तक ग्राम के 396 ग्रामीणजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। आज भी उल्टी-दस्त के 33 मरीजों की पहचान की गई है। जिसमें से 3 मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बटियागढ़ रेफर किया गया।
हरदुआ जामसा ग्राम में हुए दो मृत्यु प्रकरण के संबंध में बी.एम.ओ. डॉ. श्रवण पटेल ने बताया कि ग्राम की 40 वर्षीय सरोज लोधी पति इंद्र सिंह लोधी 13 अगस्त का पेट दर्द, सिर दर्द की शिकायत लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हरदुआ जामसा ग्राम में उल्टी-दस्त रोकथाम हेतु लगाये गये शिविर में पहुँची। जिन्हे चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार सेवा दी गई। स्वास्थ्य सामान्य होने पर महिला घर पहुँची। रात्रि 10 बजे अचानक महिला की स्थिति बिगड़ने पर परिजन वापस शिविर में लेकर आये। महिला की स्थिति गंभीर पाये जाने पर प्राथमिक उपचार देकर तुरंत ही एम्बुलेंस से सी.एच.सी. बटियागढ़ रेफर किया गया जहां डियूटी डॉक्टर द्वारा महिला को मृत घोषित किया गया। ग्राम के ही 75 वर्षीय बुजुर्ग अजुद्दी आदिवासी जो उल्टी-दस्त से संक्रमित थे। शिविर में लगातार स्वास्थ्य उपचार सेवा दे रहे बी.एम.ओ. डॉ. श्रवण पटेल, सौरभ जैन के द्वारा ड्रिप लगाई गई। स्वास्थ्य सामान्य होने पर बुजुर्ग वापस घर चले गये। उनके द्वारा खुले में रखे समोसे का सेवन किया गया। रात्रि लगभग 9.15 बजे दस्त की शिकायत होने पर शिविर पहुँचे जहां मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला चिकित्सालय रेफर किये जाने पर उनके द्वारा जाने से मना किया गया। उन्हे बटियागढ़ रेफर किया गया जहां ईलाज दौरान उनकी मृत्यु हो गई।