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सोमवार, 30 सितंबर 2024

नवदुर्गा एवं दशहरा पर शांति समिति की बैठक सम्पन्न!!...सुरक्षा के कड़े इंतजाम पर जोर।

//रूपेश जैन, सत्यम खरे//

बक्सवाहा/बाजना(छतरपुर)। आगामी नवदुर्गा और दशहरा के पर्वों को ध्यान में रखते हुए बक्सवाहा और बाजना के थाना परिसरों में शांति समिति की बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में प्रमुख रूप से शांति, सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्यौहार मनाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पुलिस कर्मियों, पत्रकारों और समाज के अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने हिस्सा लिया।

बक्सवाहा के थाना प्रांगण में हुई बैठक में तहसीलदार भरत पांडे ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे नवदुर्गा विसर्जन और दशहरा के दौरान शांति बनाए रखें और किसी भी असामाजिक तत्व या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने कहा, "त्यौहार हमारे सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिन्हें मिलजुल कर और शांतिपूर्ण ढंग से मनाना चाहिए।" साथ ही जुलूसों और अन्य कार्यक्रमों में लोगों को प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

वहीं थाना प्रभारी कृपाल सिंह मार्को ने कहा कि शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। उन्होंने आम जनता से अनुरोध किया कि अगर उन्हें किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधियों का पता चले, तो बिना देरी के पुलिस को सूचित करें। "हमारा लक्ष्य है कि सभी लोग सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से त्यौहार का आनंद लें। 

बाजना में भी बैठक संपन्न

इसी प्रकार बाजना में भी शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जहां थाना प्रभारी राजेश सिकरवार और सरपंच मुन्ना शुक्ला ने विशेष रूप से सहभागिता निभाई। श्री सिकरवार ने कहा कि कोई भी अवांछित गतिविधि न हो और कानून व्यवस्था सख्ती से लागू रहेगी। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से त्यौहार मनाएं। यदि कोई असामाजिक तत्व नजर आए, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। 

          वहीं सरपंच प्रतिनिधि मुन्ना शुक्ला ने भी नागरिकों से अपील की है कि त्यौहार की गरिमा को बनाए रखें और एक दूसरे के साथ मिलकर खुशियों का आदान-प्रदान करें। 

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दोनों ही बैठकों में पुलिस ने साफ तौर पर कहा कि इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सभी प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहेगा और असामाजिक गतिविधियों की निगरानी की जाएगी। एवं इसके साथ ही जुलूस मार्गों की विशेष निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।