(रत्नेश जैन रागी/रुपेश जैन/अनिल बड़कुल बकस्वाहा )
बकस्वाहा(छतरपुर)। ब्लॉक अंतर्गत आने वाले हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल के घटिया परीक्षा परिणाम ने सरकारी तंत्र के शिक्षकों की पोल खोल दी है हालांकि शिक्षक खराब परीक्षा परिणाम का ठीकरा विद्यार्थियों पर फोड़ रहे हैं लेकिन वास्तविकता में यह परीक्षा परिणाम शिक्षको की सच्चाई उजागर कर रहे हैं !
आंकड़ों पर नजर: आंकड़ों की बात की जाए तो 16 हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल में पिछले सत्र में माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्यप्रदेश भोपाल की हाई स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा 10वीं एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा 12वीं में 2500 छात्र दर्ज थे जिनको शिक्षा देने का दायित्व 250 शिक्षक पर था और बजट करोड़ों में, शिक्षा,छात्रवृत्ति, निर्माण, मध्यान्ह भोजन,कोचिंग,एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी गतिविधियां जैसे खेल चित्रकारी पेंटिंग संगीत, वार्षिक विद्यार्थी भ्रमण यात्रा इत्यादि पर खर्च किया गया लेकिन इस वर्ष के सबसे घटिया ख़राब परीक्षा परिणाम ने सरकारी तंत्र की पोल खोल दी , इन स्कूलों का परीक्षा परिणाम 50 फ़ीसदी से कम रहा तो कुछ हायर सेकेंडरी स्कूलों का परीक्षा परिणाम तो 20 फ़ीसदी से भी काम रहा ।
पीएमश्री कन्या उत्कृष्ट उच्चतर मा. विद्यालय का परीक्षा परिणाम भी बेहद घटिया
बकस्वाहा नगर में बस स्टैंड पर संचालित स्कूल अपने खोखले दाबो के लिए विख्यात पीएमश्री कन्या उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का सत्र 2024 - 25 में परीक्षा परिणाम बेहद घटिया खराब रहा , यहाँ हायर सेकेंडरी स्कूल का परीक्षा परिणाम 23.50% तथा हायर सेकेंडरी स्कूल का परीक्षा परिणाम 17.54% रहा । जबकि इस स्कूल में स्टाफ की कोई कमी नहीं है यहाँ समस्त स्टाफ की संख्या लगभग 40 के ऊपर है ।
ब्लॉक के स्कूलों का हाई स्कूल परीक्षा परिणाम (आरोही क्रम में)
• शा. हाई स्कूल बालक बकस्वाहा 20.00%
• शा. उत्कृष्ट उ.मा.वि. बकस्वाहा 20.77%
• शा. हाई स्कूल बम्हौरी 21.61%
• शा. हाई स्कूल निमानी 27.27%
• शा. हाई स्कूल गढ़ीसेमरा 30.00%
• शा. हाई स्कूल गड़ोही 32.40%
• शा. हाई स्कूल पड़रिया 37.77%
• शा. हाई स्कूल बाजना 48.55%
ब्लॉक के स्कूलों का हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम (आरोही क्रम में)
• शा. उ.मा.वि. बम्हौरी 11.54%
• शा. उत्कृष्ट उ.मा.वि. बकस्वाहा 11.81%
• सीएम राइज मॉडल स्कूल बकस्वाहा 45.36%
यह है मुख्य वजह: पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता तथा पर्याप्त बजट के बाद भी इस प्रकार का परीक्षा परिणाम चिंता का बिषय है , खराब परीक्षा परिणाम की एक मुख्य वजह यह भी है कि स्थानीय शासकीय शिक्षक बकस्वाहा या फिर ब्लॉक से है जो दशकों से एक ही स्कूल में पदस्थ है , प्राइवेट कोचिंग में सेवाएं देते हैं , स्थानीय होने के कारण स्कूल के प्रति इनका रुझान गंभीर नहीं है, स्कूल आने जाने का समय नियमित नहीं है ।
बकस्वाहा ब्लॉक के इन आंकड़ों ने प्रदेशभर की शासकीय शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है , अगर अब भी शिक्षा विभाग ने इस तरह के गैर जिम्मेदाराना रवैया के शिक्षकों विरुद्ध सख्त कार्रवाई, यहां तक स्थान परिवर्तन और जिम्मेदारी तय करके कार्यवाही नहीं की तो अगले सत्र हजारों विद्यार्थियों का भविष्य चौपट हो सकता है ?
इनका कहना है कि....
"इस संबंध में जिला कलेक्टर महोदय द्वारा समीक्षा बैठक ली जाएगी। कलेक्टर महोदय के निर्देश उपरांत नियमबद्ध कार्यवाई की जाएगी।"
आर.पी. प्रजापति, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी
"10वीं 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों के संबंध में हम जल्द ही समीक्षा बैठक लेंगे। और यह सुनिश्चित करेंगे कि कमियां कहाँ रहीं हैं। इसके बाद निर्णय लिया जाएगा।"
पार्थ जैसवाल, कलेक्टर छतरपुर