बकस्वाहा(छतरपुर)। जैन तीर्थ नैनागिरि के सहयोगी भाई सेठ सुरेन्द्र कुमार जी जैन निवार बाले भोपाल के देह परिवर्तन की अत्यंत दुःखद, दिली कष्टप्रद जानकारी से हतप्रभ रह गया ।
आपके मिलनसार व्यक्तित्व वात्सल्य मयी हसमुख पिता पंडित जी के नाम से विख्यात श्री माणिक चन्द्र का तो पूरा जीवन अंतिम सांस तक जैन तीर्थ नैनागिरि की समर्पित सेवा में रहा, पिता जी की भांति आपका चिंतन मनन भी नैनागिरि के विकास में निरन्तर रहा है, भोपाल हो या नैनागिरि आने पर नैनागिरि कैसे ऊंचाईयों पर पहुंचे चर्चा का मुख्य विषय रहता था, कुछ समय पूर्व ही नैनागिरि तथा बकस्वाहा आने पर इस बिषय पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई ।
पिछले माहों जैन तीर्थ नैनागिरि में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के समारोह में भाई सुरेन्द्र जी के उल्लेखनीय कार्यों तथा नैनागिरि की समर्पित सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
गत शाहगढ़ के पंचकल्याणक महोत्सव में भगवान श्री पारसनाथ जी की प्रतिमा प्रतिष्ठित करवा कर जन्मभूमि ग्राम निवार के जिनालय में विविध धार्मिक सामाजिक कार्यक्रमों के साथ विराजमान करवा कर सअतिशय पुण्य संचय कर निश्चिंत तौर से सदगति प्राप्त कर जीवन मरण से मुक्ति पथ प्रशस्त करेगा।
आपकी सरलता सहजता और मिलनसार व्यक्तित्व तथा जनहितैषी कार्य, सामाजिक, धार्मिक कार्यों में अग्रणी भूमिका, सहयोग मार्गदर्शन और आपके सराहनीय कार्य हमेशा सबके दिलों में समाहित रहेगा।
नैनागिरि तीर्थ के भगवान पारसनाथ से प्रार्थना है कि आपकी आत्मा को शान्ति सदगति प्राप्त हो और मोक्ष मार्ग प्रशस्त हो , शोक संतप्त परिवार को महादु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करें,
सादर भावपूर्ण श्रद्धांजलि...ओम शांति ओम शांति ओम शांति....
राजेश जैन 'रागी' /रुपेश जैन/रत्नेश जैन/अनिल बड़कुल बकस्वाहा