जैन मुनि के लपता होने पर जैन समाज ने मौन जुलूस के साथ दिया ज्ञापन।
नगर बकस्वाहा गौरव है जैन संत।
समस्त समाज द्वारा सुरक्षा व्यवस्था बढाई जाने की की गई मांग।
तहसीलदार के माध्यम से सौपा गया ज्ञापन।
रूपेश जैन बकस्वाहा(छतरपुर)। मुनि श्री मुदित सागर जी महराज अपने गुरू श्री सुनील सागर जी महराज जी के साथ जैन तीर्थस्थल गिरनार जी (जूनागड गुजरात) पुहँचे।
जहॉ पर 23 जनवरी को मुनि श्री मुदित सागर जी महराज दर्शन पूजन करने हेतु पहाड पर गये और दिनॉक 30 जनवरी तक वापिस नही आये यानि 8 दिन व्यतीत हो जाने के बाबजूद भी मुनि का का कोई पता नही है जिससे देश की संपूर्ण जैन समाज दुखी है इसी तरह 2012 मे कुछ असामाजिक तत्वों ने मुनि श्री प्रवल सागर जी महराज को दशर्न करते समय उन पर चाकुओ से हमला कर चालीस बार किये और खून से लतपथ मुनि श्री को 3 घंटे बंदी बनाकर रखा और आज फिर हमारे मुनिराज लपता हो गये ईसीलिये जैन समाज बकस्वाहा ने श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर से शांतिपूर्ण तरीके से मौन जुलूस निकालकर तहसील प्रांगण में एकत्रित होकर माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री भारत सरकार
एवं सम्मानीय श्री विजय रुपानी मुख्यमंत्री गुजरात के नाम ज्ञापन लिख कर श्री तहसीलदार जी को सौपा और निवेदन किया कि हमारी अल्पसंख्यक जैन समाज कब तक यह सब सहती रहेगी
और कब हमारे साधु संतो का एंव हमारी धार्मिक आस्थाओ का हनन होता रहेगा?? और जल्द से जल्द हमारे मुनिराज साकुशल वापिस नही लोटे तो हमारी समाज विशाल आनदोलन करेगी !
जैन समाज द्वारा दिये गये प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री गुजरात के नाम दिये ञापन मे कहा गया है कि
आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री मुदित सागर जी महाराज के पिछले एक सप्ताह से जैन तीर्थ श्री गिरनार जी से गायब हैं!
अखिल भारत वर्षीय जैन समाज मुनिश्री को खोजने एवं क्षेत्र पर आसामाजिक तत्वों के प्रति कठोर कार्यवाही की मांग भारत सरकार एवं गुजरात प्रदेश सरकार से करती हें!
माननीय महोदय, आज दिनॉक 30/01/2019 दिन बुधवार को सकल दिगंबर जैन समाज बकस्वाहा एंव संपूर्ण क्षेत्रीय जैन समाज अपने शौर्य और सम्मान के साथ श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर से शांति पूवर्क तरीके से मोन जलूस निकाल कर तहसील प्रांगण मे एकत्रित हो कर इस ज्ञापन के माध्यम से आपसे निवेदन करती है कि आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज अपने संघ सहित 22वे तीर्थंकर भगवान श्री नेमीनाथ जी की तपस्या एवं निर्वाण स्थली श्री गिरनार जी सिद्ध क्षेत्र जूनागढ़ गुजरात में दर्शन वंदना हेतु पधारे है,एवं निर्मलधाम पर विराजमान हैं।
आचार्य श्री सुनील सागर जी ने संघ सहित 18 जनवरी 2019 को पांचों पर्वतों पर भगवान जी की सकुशलता पूर्वक दर्शन भक्ति वंदना की।
उसके बाद आचार्य गुरु देव ने संघ सहित 19-20 जनवरी को केशलोंच क्रिया सकुशल पूर्ण की।
दिनांक 23 जनवरी 2019 को संघ के मुनि श्री मुदित सागर जी महाराज गुरु आज्ञा लेकर पर्वत पर प्रभु दर्शन के लिए गये, लेकिन आज दिनांक 30जनवरी 2019 तक वापस लौटकर नहीं आये है! मुनि श्री मुदित सागर जी महाराज के गायब होने से सम्पूर्ण संत समाज एवं संपूर्ण भारत का जैन समाज बहुत ही दुखी एवं चिंतित हैं।
माननीय महोदय,पर्वतीय क्षेत्र में काफी घना जंगल है साथ ही गिर राष्ट्रीय उद्यान होने के कारण यह काफी चिंता का विषय है, विगत कई वर्षों से पर्वत पर तथा आस पास के क्षेत्र में कई असमाजिक तत्व भी रहते है, जो यदा कदा तीर्थ यात्रियों को यात्रा के दौरान परेशान करते हैं।
जैसा कि 2012 में कुछ असमाजिक तत्वों के द्वारा क्षेत्र की वंदना करने आऐ आचार्य श्री पुष्पदंत सागर जी के शिष्य मुनि श्री प्रबल सागर जी को दर्शन करते समय चाकुओ से 40 वार किये थे एवं साथ ही खून से लतपथ मुनि श्री को ढाई घंटे तक पर्वत पर जकड़ कर रखा था।
उपरोक्त घटना की भी सम्रग जैन समाज ने चिंता व्यक्त कर सुरक्षा व्यवस्था वड़ाऐ जाने की मांग की थी! एवं आसामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की मांग की थी।
मुनि श्री मुदित सागर जी के एक हफ्ते से अधिक समय से नही मिलने से पूरा भारत वर्ष का समग्र जैन समाज चिंतित हैं।
हमारा भारत सरकार एवं गुजरात प्रदेश शासन से निवेदन हैं कि उपरोक्त संद्रभ में सख्त से सख्त कदम उठाया जावे।
जिससे भारत की अल्प संख्यक जैन समाज को मुनि श्री मुदितसागर जी मिल सके। एवं भविष्य में वंहा पर अल्पसंख्यक जैन समाज को आसामाजिक तत्व किसी भी प्रकार से दर्शन पूजन एवं क्षेत्र की वंदना करने में विघ्न उपस्थित न करें।
उपरोक्त ज्ञापन आपकी सेवा में प्रस्तुत हैं।
ञापन देने मे समस्त जैन धर्मलाबी शामिल रहे।
