मनपसंद स्कूलों में बच्चों को दिलाएं प्रवेश, फीस भरेगा शासन।
ब्यूरो। शासन द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम में एक और प्रमुख व्यवस्था की गई है।
जिसके अंर्तगत ऐसे वर्ग के अभिभावक जो अपने बच्चों को महंगे प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश नहीं दिला सकते उन बच्चों को उनकी पसंद के प्राइवेट स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश दिया जा सके।
इन बच्चों की फीस शासन द्वारा दी जाती है। बीएसी अनुपम त्रिपाठी ने जानकारी देते हुये बताया कि नि:शुल्क प्रवेश की ऑनलाइन प्रक्रिया 30 अप्रैल से शुरू हो चुकी है जो 29 मई तक चलेगी।
वंचित व कमजोर वर्ग के छात्र एमपी ऑनलाइन के माध्यम से प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन के समय बच्चे के निवास के आस-पास के प्राइवेट स्कूलों की लिस्ट आती है जिसमें से बच्चा अपनी पसंद के स्कूलों को चुन सकते हैं।
आवेदन करने के बाद सम्बंधित संकुल केंद्र पर मूल दस्तावेजों का सत्यापन होता है। इसके बाद ऑनलाइन लाटरी के माध्यम से बच्चे को उसकी पसंद का एक स्कूल आवंटित हो जाता है।
स्कूल में एडमिशन होने के बाद बच्चा पूरी तरह से नि:शुल्क अध्ययन करता है और प्रत्येक बर्ष की फीस का भुगतान शासन द्वारा सम्बंधित स्कूल को कर दिया जाता है। आरटीई के तहत 3 से 5 वर्ष के बच्चे को नर्सरी, केजी व 5 से 7 वर्ष तक के बच्चे को कक्षा पहली में प्रवेश दिया जाता है और कक्षा 8वीं तक उसकी पढ़ाई बिल्कुल नि:शुल्क रहती है।