संसार से मुक्ति पाने आत्म कल्याण है जरूरी।
//विन्द्रावन विश्वकर्मा//
घुवारा(छतरपुर)। नगर मे चल रहा भव्य कार्यक्रम श्री 1008 सिद्धचक्र महा मंडल बिधान के छठे दिबस पर 512 अर्घो के साथ संगीतमय पूजन भक्ति कराई गई शाम के समय महाआरती का भव्य कार्यक्रम करबाया गया।उसके पश्चात सागर से आये पं श्री उदय चन्द जी शास्त्री के मंगल प्रवचन हुए जिसमे बताया गया है की जो भी भव्य पुरूष अपना कल्याण करना चाहता हो इस संसार से पार होना चाहता है तो उसको अपनी आत्मा को पबित्र करना पडेगा और कुछ पक्ति के माध्यम से बताया गया था चिदानंद निर्मल कियो धोय कर्म रज मैल, सरल करी या जगत मै भविजन को शिव गैल यदि हमे अपनी आत्मा का कल्याण करना हो तो इस पापा रूपी कार्य को त्यागना चाहिए।
जब हमारी आत्मा पबित्र, सरल बन पायेगी और संयम को धारण करके बारह तपो का पालन करके तभी हम अपनी आत्मा का कल्याण कर पायेगे इसी के बीच मै हमारे नगर के ब्रह्मचारी श्री महेन्द्र भैया जी ने अपने प्रवचन मै श्राबक के षट् आवश्यक के पालन के बारे मैं बताया गया की यदि हमे स्वयं का कल्याण करना है तो प्रतिदिन षट् आवश्यको का पालन करना चाहिए इसके पश्चात पं श्री अजय कांत जैन शास्त्री के द्वारा प्रवचन मे से पूछे गये पश्न मंच हुआ और इसके बाद म्यूजिक स्टोप प्रतियोगिता कराई गई जिसकी रूपरेखा एवं मंच संचालन पं श्री अजय कांत जैन शास्त्री घुवारा , पंअजय कुमार जैन शास्त्री सिमरिया, पं श्री सुनील कुमार जैन शास्त्री मबई के माध्यम से कराई गई प्रतियोगिता जिसमे सभी लोग सम्मिलित हुये।