Translate

सोमवार, 27 मई 2019

संस्कृति,धर्म की रक्षा का सिखाया पाठ, शांति व सेवा का दिलाया संकल्प।

 ग्रामीणों को संस्कृति,धर्म की रक्षा का सिखाया पाठ, शांति व सेवा का दिलाया संकल्प।


//अखण्ड यादव//

 बल्देवगढ(टीकमगढ़)।    श्री श्री 1008 प्रथम नौ कुंड आत्मक श्रीराम महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा रामलीला का भव्य आयोजन सिद्ध पीठ अंजनी माता मंदिर सुजानपुरा  शुरू हुई।
  जिसका समापन 29 मई  को कन्या भोज भंडारे के साथ समाप्त होगा।
 इस आयोजन में ग्राम सुजानपुरा के सभी भक्तों ने जन सहयोग से आसपास के ग्राम  सुजानपुरा जिन्ना गढ़ बनियानी बिलोनी  शकरनपुर श्यामपुरा सिजोरा खजवा ई बलवंतपुरा जठेदार की देवी नगर डगरूआ जंगल जूनागढ़ बंदिया खरगापुर बल्देवगढ़ आसपास के भक्तों ने इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया है।
    कथावाचक पंडित राकेश शास्त्री जी वृंदावन धाम ने बताया कि मनुष्य की इच्छाएं अनंत होती हैं जिसमें वह काम क्रोध लोभ से ग्रस्त बना देता है भक्ति का भाव नहीं जिओ में लापता है भक्ति लाने के लिए श्रद्धा विश्वास और भक्ति तीनों को लेकर मनुष्य अपने जीवन को मोक्ष का रास्ता खोज कर धर्म कर्म के आधार का करता है।
जबकि हमारा धर्म शास्त्र सीधा-सीधा कर्म प्रधान पर निर्भर है इसी को लेकर के बल्देवगढ़ क्षेत्र के सुजानपुरा में विभिन्न क्षेत्रों के जन सहयोग से यह धार्मिक कथा भागवत कथा मानस प्रवचन यज्ञ हवन पूजन कार्यक्रम चल रहे हैं।
इसी क्रम में नौगांव नगर के रहने वाले बुंदेलखंड के समाजसेवी संतोष गंगेले कर्म योगी ने इस धार्मिक आयोजन में धर्म आचार्य वेद आचार्य कथावाचक यज्ञ हवन कराने वाले कर्मकांड सभी ब्राह्मणों का तथा धार्मिक आयोजन में भाग लेने वाले यजमानओं का ग्राम की बेटियों का कथा व्यास गद्दी के समक्ष सभी का सम्मान किया।
और ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों नागरिकों के बीच भारतीय संस्कृति और संस्कार बचाने नैतिक शिक्षा को घर-घर पहुंचाने आध्यात्मिकता और धर्म कोई अलग जगाने के लिए सभी को संकल्प दिलाया।
  वेद आचार्यों का सम्मान किया गुलाबों की पुष्प वर्षा की गई के ग्रामों के माध्यम से पंडित आचार्य श्री पंडित प्रभु दयाल शास्त्री काशी वाराणसी जी वेदाचार्य के मार्गदर्शन में ग्राम सुजानपुरा हनुमान जी मंदिर पर के भक्तों द्वारा विश्वकल्याण को लेकर के धार्मिक यज्ञ हवन पूजन कन्या पूजन भागवत कथा 9 कुंड आत्मक एवं श्रीराम महायज्ञ पुराण  वेद शास्त्रों का वाचन किया जा रहा है।
 धर्म के प्रति आस्था रखते हुए धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं इसी पंडाल के नीचे समाज में भारतीय संस्कृति बचाने संस्कार जीवित रखना नैतिक शिक्षा का विकास करने के लिए बुंदेलखंड के समाजसेवी संतोष गंगेले कर्म योगी द्वारा यज्ञ के बीच राष्ट्रीय एकता राष्ट्रीय समरसता राष्ट्रभक्ति के लिए विभिन्न विचारों को लेकर उपस्थित जनसमूह को समझाया तथा उन्हें संकल्प दिलाया कि वह है जीवो की रक्षा करें मानव कल्याण में सहयोग करें तथा पीड़ित परिजनों की मदद करें माता पिता की सेवा करें बेटियों की सुरक्षा वर उनकी शिक्षा पर ध्यान दें इसी से श्रद्धा विश्वास भक्ति का रास्ता तय होगा जिस पर सभी भक्तों ने अपने दोनों हाथ उठाकर संकल्प लिया
 इस  धार्मिक आयोजन की उपस्थित सभी वेदाचार्य आचार्यों ने सामाजिक काम करने के लिए समाजसेवी संतोष गंगेले का मंत्रों द्वारा आशीर्वचन देकर समाज सेवा देश सेवा करने का आशीर्वाद दिया गया।