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मंगलवार, 2 जुलाई 2019

प्रापर्टी की दर में बीस फीसदी कमी से नहीं मिलेगी राहत।

प्रापर्टी की दर में बीस फीसदी कमी से नहीं मिलेगी राहत।


ब्यूरो ऐजेंसी। प्रदेश सरकार ने 1 जुलाई से कलेक्टर गाइड लाइन के अनुसार प्रापर्टी की बाजार दर में बीस फीसदी की कमी कर दी है।
 यह कमी केवल सुनने के लिए आकर्षक और राहत भरी नजर आती है।
 पड़ताल से जो सच सामने आ रहा है, उससे लाभ नहीं होने वाला है। यह कमी ग्रामीण इलाकों में बनने वाली कॉलोनियों में इनवेस्टमेंट करने वालों के लिए फायदेमंद नहीं रहेगी।
उधर केंद्र सरकार ने जो ब्लैक मनी पर अंकुश लगाया था, वह प्रदेश सरकार के इस फैसले से एक बार फिर रियल एस्टेट में खपती हुई नजर आएगी।
हालांकि रियल एस्टेट कारोबारियों व वेंडरों के अनुसार यह पहली बार हुआ है जब कलेक्टर गाइड लाइन के अनुसार जमीनों के रेट बढऩे के बजाए घटते हुए नजर आ रहे हैं।
 इधर प्रापर्टी का वेल्यूशन घटाया गया है, लेकिन रजिस्ट्री शुल्क में बढ़ोत्तरी की गई है। पहले यह शुल्क 7.3 फीसदी था, जो अब 9.5 फीसदी हो गया है।
 जबकि नगरीय क्षेत्र में पहले की तरह 3 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगता रहेगा। सरकार भले ही अपने इस फैसले से यह दावा कर रही हो कि जनता की जेब पर भार नहीं पड़ेगा, लेकिन जब पूरा मामला समझा तो लोगों की जेब से रुपया निकलता हुआ नजर आएगा।