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शनिवार, 31 अगस्त 2019

SP ने दो आरक्षक किये निलंबित,मामले की ज्यूडिशियल जांच शुरू।

SP ने दो आरक्षक किये निलंबित,मामले की ज्यूडिशियल जांच शुरू।



//अक्षय जैन, अभिनय तिवारी//

बड़ामलहरा(छतरपुर)। संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस अधीक्षक ने 2 आरक्षक निलंबित कर दिये और महिला एसआई के आरोपों के जांच का आदेश जारी किया।
मृतक पर, अपहरण व बलात्कार का मामला दर्ज था। पुलिस अभिरक्षा में आरोपी को मेडिकल परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। शाम करीब साढ़े 6 बजे के करीब आरोपी का शव अस्पताल के पेशाब घर से बरामद किया गया। अस्पताल से तहरीर मिलनें पर बड़ामलहरा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया। परिजन ने मौत पर संदेह जाहिर किया है। परिजन की मांग पर मामले की न्यायायिक जांच की जा रही है।
      वीरेंद्र उर्फ वीरन पिता प्रेमलाल लोधी (22) निवासी मेरोंन दरगुवां थाना बडेरा जिला टीकमगढ़ का शव शुक्रवार शाम साढे 6 बजे स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थित पुरुष बाथरूम से मिला है। मृतक 4 वर्षीय बालक का पिता है। बताया गया कि, मृतक पर भगवां पुलिस थाना में नाबालिग युवती के साथ दुराचार का मामला पंजीवद्ध था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया था।
न्यायालय के आदेश पर भगवां थाना पुलिस आरोपी को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल ले गई थी। पुलिस के अनुसार मृतक ने बाथरूम के अंदर तौलिया का फंदा गले मे डालकर आत्महत्या की है। घटना की सूचना के बाद एसडीएम एनआर गौंड, एसडीओपी आरआर साहू, स्थानीय थाना प्रभारी एसके दुबे, भगवां थाना प्रभारी सौरभ त्रिपाठी घटना स्थल पहुंचे। रात 10 बजे के आसपास मृतक के परिजन भी वहां आ गये। परिजनों ने वीरन की मौत पर संदेह व्यक्त किया है।

 दिव्यांग है मृतक की पत्नी,साली से बनी शादी की, आपसी सहमति।


 मृतक के पिता प्रेमलाल और भाई जोराबल लोधी ने बताया कि, वर्ष 2012 में वीरेंद्र का विवाह रचना के साथ ग्राम डूंडा जिला टीकमगढ हुआ था। पत्नि मुंह एवं कान से दिव्यांग थी तथा बोलनें व सुनने में अक्षम थी। इसी बात को लेकर वीरेंद्र अपनी शादी से नाखुश था और दूसरी शादी करनें का निश्चय कर लिया। बताया गया कि, भगवां थाना स्थित पटलाखेरा में मृतक की ममिया ससुराल है। रिस्ते की साली से उसकी आंखे चार हो गई। दोनों के बीच मिलने और फोन पर बातें करने का सिलसिला शुरु हो गया। 3 माह पूर्व रिस्ते की साली को लेकर वह भाग गया। वीरेंद्र ने 4 जुलाई को टीकमगढ में बकील से संपर्क कर 50 रुपये का गैर न्यायायिक स्टाम्प खरीद कर, रिस्ते की साली, प्रेमिका से जीवन भर साथ रहने और वीरेंद्र के साथ अपना जीवन गुजरने की सहमती जताई।
आपसी सहमति पत्र में युवती की जन्म तिथि 05जून 2001 पूर्ण बालिग बताई गई है। परिजन की सूचना पर भगवां थाना पुलिस ने नावालिग युवती की गुमशुदगी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरु कर दी। परिजन ने बताया कि, पुलिस के कहनें पर उन्होनें वीरेंद्र को गांव बुला लिया और बुधवार दोपहर 12 बजे के करीब पुलिस को सुपुर्द कर दिया। बुधवार और गुरुवार को पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में रखकर वीरेंद्र पर धारा, 376, 363, 366 आईपीसी व पास्को एक्ट का मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश कर दिया।

2 आरक्षक निलंबित, महिला एएसआई जांच के घेरे में।

 युवक की मौत के बाद अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई और हर कोई अंधी मौत का रहस्य जानने के लिये कानाफूंसी कर रहा था। अप्रिय घटना से निपटने और शांती व्यवस्था कायम रखने के लिये पुलिस प्रशासन ने रात भर में पूरी तैयारी कर ली और सुबह घुवारा तिराहा पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयराज कुबेर भी सुबह बडामलहरा अस्पताल पहुंच गये और मामले की हकीकत जानकार कहा कि, मामले की जांच के उपरांत दोषियों का कार्रवाई होगी। मृतक के भाई जोरावल और पिता प्रेमलाल ने घटना पर संदेह जाहिर करते हुऐ, कहा कि, झांसा देकर पूंछतांछ की कहकर पुलिस ने वीरेंद्र को बुलवाया और बलात्कार का मामला मढ दिया। उनका आरोप है कि, 50 हजार रुपये लेकर पुलिस ने न्याय पूर्वक कार्रवाई करनें का भरोसा दिया था। उनका कहना था कि, लडकी पक्ष ने वीरेंद्र को जान से मारने की धमकी दी थी मिलकर घटना को अंजाम दिया गया। मौत को संदेहास्पद बताते हुऐ कहा कि, वीरेंद्र कभी साथ में तौलिया नहीं रखता था फिर कैसे उसने उसका फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। घटना के उपरांत बगैर परिजन की उपस्थिति में शव को फंदे से उतार लिया। मामले में पुलिस अधीक्षक तिलक सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुऐ भगवां थाना में पदस्थ्य आरक्षक अनिल यादव व संजीव साहू को निलंबित कर दिया वहीं एसआई सुनीता बिंदुआ पर लगे आरोपों की जांच का आदेश दिया है।

मामले की ज्यूडिशियल जांच शुरु।


मृतक वीरेंद्र लोधी को न्यायालय के आदेश के उपरांत मेडीकल परीक्षण हेतु अस्पताल लाया गया था लेकिन यहाँ उसकी संदिग्ध मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही शनिवार सुबह 11 बजे प्रथम वर्ग न्यायाधीश आशीष माथौरिया अस्पताल पहुंच गये। घटना स्थल का मुआयना व फौरेंसिक जांच के उपरांत उन्होनें एसडीएम एनआर गौंड, तहसीलदार कमलेश गुप्ता, घुवारा तहसीलदार त्रिलोक सिंह पोसाम, पीढित की ओर से डूंडाटोरा सरपंच हजारी लोधी, जनपद सदस्य मनोज खंगार, स्वतंत्र गवाह की उपस्थिति में मृतक के पिता प्रेमलाल लोधी, भाई जोरावल लोधी के कथन दर्ज किये गये। प्रथम वर्ग़ न्यायाधीश ने पीडित पक्ष को सांत्वना देते हुऐ, न्याय संगत जांच का भरोसा दिया। संपूर्ण जांच पडताल के बाद बीएमओ डॉ हेमंत मरैया, डॉ हरगोविंद राजपूत, डॉ अरुण शुक्ला की टीम ने न्यायाधीश आशीष माथौरिया व फौरेंसिंक टीम के रीतेशचंद्र शुक्ला की उपस्थिति में पोष्टमार्टम कराकर मृतक का शव परिजन को सौंपा गया।