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शनिवार, 28 सितंबर 2019

निर्गम हत्या के विरोध में सर्व बाल्मीकि समाज ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

निर्गम हत्या के विरोध में सर्व बाल्मीकि समाज ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।


 दो दिनों में विधि संवत पीड़ित के पक्ष में निर्णय ना आने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी।

//नरेंद्र अहिरवार//

 दमोह। विगत दिवस शिवपुरी जिले के भावखेडी में बाल्मीकि समाज के एक गरीब परिवार के दो मासूम बच्चों रोशनी बाल्मीकि उम्र 12 वर्ष और पुत्र अभिनाश बाल्मीकि उम्र 10 वर्ष की गांव के ही दबंग हकीम यादव और रामेश्वर यादव ने डंडों से पीट पीट कर निरसंस हत्या कर दी थी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बच्चो का बस इतना ही गुनाह था कि बच्चे पंचायत भवन के सामने सड़क पर ही खुले में शौंच कर रहे थे जिसका दबंगो ने विरोध किया।  साथ ही जनाब देते हुए उनका बच्चो ने भी विरोध किया जिस पर गुस्साए दोनों लोगों ने डंडों से दोनों बच्चो को शौंच करते ही वक्त तब तक मारा जब तक उन्होंने अपने प्राण नहीं त्याग दिए।
इस वीभत्स घटना से समस्त मानव जाति ने इस वीभत्स घटना की घोर निन्दा करते हुए। आरोपियों को फांसी की सजा सुनाए जाने की मांग की। इसी क्रम में आज मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में अखिल भारतीय बाल्मीकि समाज के द्वारा स्थानीय कलेक्टोरेट पहुंच कर राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है। जिन्होंने कहा इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ समाज खड़ा हैं। जिनकी समाज के द्वारा हर संभव मदद की जाएगी साथ ही ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख्य आरोपियों को फांसी की सजा सुनाए जाने की मांग के साथ साथ पीड़ित परिवार के लिए मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि दिए जाने की मांग समस्त बाल्मीकि समाज ने पीड़ित के पक्ष में की है। जिसमे पीड़ित परिवार की सुरक्षा एवं मूलभूत सुविधाओं को तुरंत उपलब्ध कराए जाने जैसी मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से रामावतार बाल्मीकि ने बताया कि प्राचीनकाल से ही विभिन्न वर्गो में सेवा देते आ रहे। बाल्मीकि दलित वर्ग का शोषण होता आ रहा हैै। लोग पैसों के दम पर हमारे समाज के ऊपर हमेशा से अत्याचार करते आ रहे हैं। जो समाज अब बर्दाश्त नहीं करेगा। माननीय महामहिम राज्यपाल के नाम दिए ज्ञापन में अगर 2 दिनों की समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं प्राप्त होता है, पीड़ित परिवार के लिए न्याय नहीं दिया जाता हैं तो समाज काम बंद साथ ही उग्र प्रदर्शन आंदोलन करने के लिए विवश होगी जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

वहीं दूसरी ओर भीम आर्मी के मध्यप्रदेश सह प्रभारी कोमल अहिरवार ने बताया कि.....

 "देश भर में प्राचीनकाल से ही दलितों के साथ अत्याचार होते रहे हैं। और इस जघन्य कृत्य की समस्त समाज निंदा करता है और यह मांग करता है कि दोषियों को फांसी की सजा के साथ साथ उन सरपंच और सचिव के लिए भी आरोपी बनाते हुए संलिप्त आरोपियों पर भी विधि संभव कार्यवाही की जाने की मांग समाज के लोगों ने की हैं।" 
ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से रामावतार बाल्मीकि (एडवोकेट), कोमल अहिरवार प्रदेश सह प्रभारी भीम आर्मी, चंद्रेश बाल्मीकि, हिमालय बाल्मीकि, रत्नेश बाल्मीकि, शिकंदर बाल्मीकि, विपिन बाल्मीकि, आशीष जोंशन, जितेंद्र बाल्मीकि, आकाश कच्छवाहा, जितेंद्र चौहान, उमेश बाल्मीकि, कमलेश विडला, राजा बाल्मीकि, मोहनीश राव, जोगेंद्र चौधरी, गोलू अहिरवार, प्रशांत चौधरी, लकी चौधरी, अखिलेश राज, अमित राज, विक्रम सूर्यवंशी, शैलेश बाल्मीकि, शंकर बाल्मीकि, अनिल बाल्मीकि, रोहन बाल्मीक, अभिषेक बाल्मीकि, सोंटी बाल्मीकि, शिवम् बाल्मीकि के साथ साथ विभिन्न बाल्मीकि समाज के युवाओं की मौजूदगी रही।