सावधान। अगर फेसबुक पर टिप्पणी की तो जाना पड़ सकता है जेल।
महंगी पड़ी टिप्पणी, सामाजिक संगठनों ने पकड़ कर किया पुलिस के हवाले।
//नरेंद्र अहिरवार//
ब्यूरो दमोह। आए दिन किसी ना किसी तरह से लोग अपनी मानसिकता का परिचय देते हुए वह दिल की बात लोगो के सामने रखते है, जिसमे कोई किसी व्यक्ति विशेष तो कोई धर्म या समाज विशेष पर टीका टिप्पणी करने से सोशल मीडिया पर नहीं चूकते हैं। लेकिन ऐसे में शहर में आपसी मतभेद व सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का कार्य कुछ विछिप्त मानसिकता रखने वाले लोगों के माध्यम से आए दिन देखने मिल जाते हैं।ऐसा ही विगत दिन पहले हुआ जब हिंडोरिया थाना अंतर्गत छापर गांव निवासी पूरन सिंह के द्वारा धर्म विशेष को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने पर स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। जानकारी के मुताबिक आरोपी पूरन सिंह लगातार भ्रामक व धर्म विशेष को लेकर फेसबुक पर पोस्ट करता था। जिसे स्थानीय लोगों व सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं के द्वारा समझाइश दी गई थी। की वह आइंदा इस प्रकार की आपत्तिजनक पोस्ट सोशल मीडिया पर ना करें। लेकिन आरोपी नहीं माना जिसके बाद शहर के समस्त हिन्दू संगठन सकते में आए और हिन्दू युवा वाहिनी के जिला अध्यक्ष विक्रांत गुप्ता, सतीश तिवारी, शोभित गुप्ता, बजरंगदल जिला अस्पताल पवन रजक, रजित जैन, अभिषेक सोनी के साथ साथ विभिन्न सामाजिक संगठन के कार्यकर्ताओं ने पहुंच कर आपत्ति दर्ज कराते हुए आरोपी को पुलिस के सुपुर्द किया साथ ही लिखित शिकायत के रूप में कोतवाली टी आई एच आर पांडे को एक ज्ञापन सौंप आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
वहीं कोतवाली टी आई एच आर पांडे ने बताया कि सोशल मीडिया पर धर्म विशेष को लेकर आपत्ति जनक पोस्ट करने वाला आरोपी पूरन सिंह लगातार सोशल मीडिया पर धर्म विशेष को लेकर फेसबुक पर पोस्ट करता था। जिसे सर्व प्रथम समझाइश दी गई थी। उसके बाबजूद भी नहीं मानने पर आरोपी के खिलाफ धारा 295 क, 153 क के तहत कार्यवाही की गई है, बताया गया है कि आरोपी पूरन सिंह अपने फेसबुक आईडी पर अपना नाम आचार्य जी पूरन सिंह लिखे हुए हैं और स्वयं के लिए पिछड़ा समाज यूनियन पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बता रहा था। जिसको लेकर आरोपी पूरन सिंह के समर्थन में भी पिछड़ा समाज पार्टी के समर्थक बहादुर सिंह, बैजनाथ पटवारी के साथ साथ अन्य लोग पहुंचे थे। लेकिन सामाजिक संगठनों के द्वारा मौजूदा लोगों के विरोध करने पर वह बापस लौट गए। ज्ञात हो कि जिले भर में आए दिन ऐसे कई मामले देखने को मिल रहे हैं, इसके बाबजूद भी पुलिस प्रशासन मौन है। पुलिस प्रशासन के द्वारा इस तरह सामाजिक एवं धार्मिक विद्वेष फैलाने वाले लोगों पर नकेल कसना चाहिए जिससे शहर का शांतिपूर्ण वातावरण कायम रहें।