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मंगलवार, 10 दिसंबर 2019

राजनैतिक संरक्षण के चलते अधिकारियों का आदेश नही मानते पुलिस चौकी प्रभारी।

राजनैतिक संरक्षण के चलते अधिकारियों का आदेश नही मानते पुलिस चौकी प्रभारी।

● रेत के परिवहन कर रहे टैक्टरो को पकडने के बाद करते है सेटिंग।


//विन्द्रावन विश्वकर्मा//

घुवारा(छतरपुर)। कलेक्टर मोहत बुंदस व एसपी तिलक सिहं अबैध रेत परिवहन पर अंकुश लगाने हेतु जिले के अर्तगत आने राजस्व अधिकारी व थाने,चौकियो के प्रभारियो के साथ बैठक करके अवैध रेत परिवहन पर अंकुश लगाने हेतु योजना तैयार करते है लेकिन उनके ही अधिकारी कर्मचारी उनकी ही छबी को खराब करने में लगे हुये है।
जिससें जिला प्रशासन सहित काग्रेस सरकार की निष्क्रियता की चारो ओर चर्चा चल रही है स्थानीय बिभागो में बैठे अधिकारी व कर्मचारियो को किसी का भय नही होने के कारण वैलगाम घोडे की तरह चारो ओर भष्टाचार मचाये हुये है, तथा उन्हे किसी का डर नही है सूत्रो के मुताबिक यह भी बताया जा रहा है बर्तमान समय में विधायको के द्धारा कर्मचारियो को मनचाहे जगह पर नियुक्त कर दिया जाता है जिससे बो बिना किसी भय के लूटकसोट करते हुये काम कर रहे जिसका जीता जागता उदारण 7 दिसम्बर को देखने मिला कि जब चौकी प्रभारी बीरेन्द्र परस्ते ने अवैध परिवहन करते हुये एचएमटी टैक्टर को पकड कर चौकी प्रांगण में रख दिया जैसे ही रेतमाफिया को इसकी सूचना मिली तो रेतमाफिया ने चौकी प्रभारी बीरेन्द्र परस्ते से सेटिंग मिलाना शुरू कर दिया और अंतोक्तवा रेतमाफिया अपने काम में सफल हो गया रात के अंधरे में टैक्टर निकालने की बात हो गई लेकिन जैसे ही इसकी खबर मीडिया को लगी तो मीडिया ने चौकी जाकर चौकी प्रभारी परस्ते से अवैध रेत पकडने की बात कही जिसपर चौकी प्रभारी ने साफ मना कर दिया किसी प्रकार कोई टैक्टर नही पकडा गया जबकि टैक्टर खुलेआम चौकी प्रांगण में रखा था मीडिया नें चौकी प्रभारी की हरकतो के बारे में एसपी महोदय को जानकारी दी जिसपर एसपी महोदय के संज्ञान में आने के बात चौकी प्रभारी की सेटिंग पर पानी पर फिरते हुये चौकी प्रभारी को कार्यवाही करनी होगी इस प्रकार चौकी प्रभारी की कार्यशैली नगर में चर्चा का बिषय बना हुआ है जब से चौकी प्रभारी आये तब से रेतमाफिया और भी खुलेआम रेत का परिवहन करने लगे सूत्रो के मुताबिक बताया जा रहा कि बर्तमान समय में करीब 50 टैक्टरो के द्धारा दिन रात रेत का परिवहन किया जा रहा जिसमें कुछ काग्रेस के नेताओ के तो कुछ विधायक के सगे संबधी कहे जाने बाले रिस्तेदारो के 10 टैक्टर चल रहे वही करीब 40 टैक्टरो से प्रतिमाह 5000 हजार की धनलक्ष्मी लेकर चल रहे है नगरबासियो का कहना है कि अगर काग्रेस सरकार ने इन भष्ट अधिकारियो पर शिकंजा नही कसा तो आगामी पंचयाती चुनाब में भारी नुकसान झेलना पडेगा।