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रविवार, 22 दिसंबर 2019

बंजारे को आया सपना,तालाब किनारे मिली मां की यह प्रतिमा।

बंजारे को आया सपना,तालाब किनारे मिली मां की यह प्रतिमा।

● बुंदेलखंड की विशेष आस्था का केन्द्र है अब यह स्थान।


 //राजन असाटी//

 जुझार(दमोह)। दमोह जिले के प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ क्षेत्र देव श्री जागेश्वरनाथ धाम बांदकपुर से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित प्राचीन काल हिनौती गांव का मंदिर जो हिनौती खेर के नाम से जाना जाता है यह मंदिर हजारों साल पुराना माना जाता है जिसमें खेर माता की मूर्ति बहुत ही सुंदर रूप में विराजमान है एवं कई ग्रामीणों क्षेत्र के लोगों की आस्था यहां से लगी हुई है।
 एवं यह केंद्र भी बना हुआ है वही पूर्वजों एवं बुजुर्गों के अनुसार कई वर्षों पहले मां की प्रतिमा जंगल की पहाड़ी पर कैमा के पेड़ के नीचे बाहर विराजमान थी प्राचीन समय में अकाल पड़ा उस समय बंजारे के आकर वहां ठहरते थे किसी भी बंजारे के यहां संतान नहीं थी पास में ही तालाब था जहां पर बंजारे नहाने जाते थे एक रात एक बंजारे को सपना आया कि पहाड़ी के पास घाट पर जो तालाब है उसके पास एक पत्थर डला है उसे सीधा कर दो हम देवी हैं यह सुनकर सुबह बंजारे ने अपने पूरे कबीले के लोगों को यह बात बताई इसके बाद उस पत्थर को सीधा किया गया तो उसके पीछे माता की मूर्ति थी इसके बाद बंजारे ने मूर्ति को लेकर कैमा के पेड़ के नीचे स्थापित कर दिया बंजारे तो वहां से चले गये इसी बीच बंजारे ने मां से संतान प्राप्ति की मनोकामना की इसके बाद बंजारे को संतान हुई कुछ समय बाद बंजारे मां की आराधना के बाद वहां से चले गए उनके चले जाने के बाद माता का पूजन किसी ने नहीं किया जिससे पूरे गांव में अकाल पड़ गया पूरा गांव वीरान हो गया जो लोग गांव के बाहर थे वह बच गए इसके बाद माता ने पिपरिया गांव के एक व्यक्ति को सपना दिया इसके बाद पिपरिया गांव के इमरत ठाकुर उन माता की पूजा करने लगे इसके बाद बम्होरी गांव के थान सिंह छोटी मडिया बनवाकर माता की स्थापना कराई इसके बाद पूरा गांव आवाद हो गया लोग पहले की तरह रहने लगे तब से लेकर आज तक पूरा गांव माता रानी की श्रद्धा भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करता है पुजारी लालबाबा लखन पटेल बृजेश सिंह ठाकुर ने बताया कि मंदिर काफी चमत्कारी है यहां कई ग्रामीण क्षेत्र के लोग दूर-दूर से दर्शन करने आते हैं जिसे पूर्व जनों ने बहुत ही महत्व एवं पवित्र स्थान  माना जाता है यहां पर सच्चे मन से प्रार्थना करने पर मनोकामना पूर्ण होती है खेर माता के दरबार में भक्तों का सुबह-शाम तांता लगा रहता है।