अतिथी प्रध्यापकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी।
बक्सवाहा(छतरपुर)। शासकीय महाविद्यालय के अतिथि विद्वानों ने सरकार के वचन पत्र में शामिल नियमितीकरण के वचन पूरे ना करने के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।
सीधी भर्ती प्रक्रिया।
विदित हो कि प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा आयोजित हुई थी जिसमें विवाद की स्थिति पिछले दो वर्षों से बनी हुई थी उसके बाद जो सरकार उनको बिना जांच के ही नियुक्ति लेटर दे रही है उनकी नियुक्ति से अतिथि विद्वानों की सेवा तुरंत समाप्त होती जा रही है जिसके चलते शासकीय महाविद्यालय बकस्वाहा के अतिथि विद्वानों ने सरकार के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है।इस संबंध में उन्होंने महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य बीके अग्रवाल के नाम अपना लिखित ज्ञापन लिपिक नृपत सिंह को सौंपा और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की अनुमति मांगी अतिथि विद्वानों की मांग है कि सबसे पहले जो प्रदेश में सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा हुई है जिसको लोक सेवा आयोग द्वारा संचालित किया गया था जिसमें सिर्फ वस्तुनिष्ठ प्रश्न के आधार पर लोगों का चयन किया गया है जिसमें करीब अस्सी परसेंट से ज्यादा सामान्य की सीट पर बाहर के लोगों का चयन हुआ है तथा बिना साक्षात्कार के इस परीक्षा को आयोजित किया गया था जिस कारण हमारी मांग है कि इसको निरस्त किया जाना चाहिए, लेकिन इस परीक्षा में अनेकों विसंगतियों के चलते लगभग बीस से ऊपर संशोधन हुए है एवं अभी न्यायालय में इसका केस चल रहा है लेकिन इस ओर प्रध्यापकों का आरोप है कि प्रदेश सरकार बिना जांच के चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति लेटर जारी करके महाविद्यालय में ज्वाइन करा रही है जबकि इसमें कई खामियां नजर आ रही हैं।