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गुरुवार, 30 जनवरी 2020

भीमकुण्ड भू-वैज्ञानिक दृष्टि से चूनापत्थर स्थलाकृतियों का संयुक्त रूप-डाॅ ज्ञानेन्द्रप्रताप सिंह

भीमकुण्ड भू-वैज्ञानिक दृष्टि से चूनापत्थर स्थलाकृतियों का संयुक्त रूप-डाॅ ज्ञानेन्द्रप्रताप सिंह


●   छात्रों ने भीमकुण्ड क्षेत्र का किया भूवैज्ञानिक फील्ड वर्क।

   
छतरपुर। स्थानीय शासकीय महाराजा महाविद्यालय के भूगर्भशास्त्र विभाग द्वारा एकदिवसीय भूवैज्ञानिक शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया।इस भूवैज्ञानिक शैक्षणिक भ्रमण को भूगर्भशास्त्र विभागाध्यक्ष डाॅ ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में विभाग के अतिथि विद्वान राहुल ताम्रकार,ज्योति त्रिपाठी व अल्ताफ हुसैन के द्वारा संचालित किया गया।इस शैक्षणिक भ्रमण में विभाग के एम एस सी  फाइनल ईयर के यश विश्वकर्मा,कमलेश प्रजापति,शिखा पाण्डेय,ज्योति राजा बुन्देला,अचला ताम्रकार,आशिया बानो एम एस सी प्रिवियस ईयर के सुभाष चन्द्र गुप्ता,उमेश साहू,इमरान सिद्दीकी,अश्विन बेहेरे,सुधा राहुल व जीवनलाल अहिरवार बी एस सी तृतीय वर्ष से कार्तिक वैद्य,मदन साहू,रोहित रैकवार,हर्ष असाटी, रामनरेश तिवारी,अजीत कुमार पाठक,पूर्णिमा पाठक,काजल खरे,अनम खान,आस्था अग्रवाल,कीर्ति अग्रवाल,नीलम नेगी शामिल रहे।इस दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा क्षेत्र का भूवैज्ञानिक फील्ड वर्क किया गया।वहीं भूगर्भशास्त्र प्रोफेसर व विभागाध्यक्ष डाॅ ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा विद्यार्थियों को शैलों की पहचान ,ब्रिन्टन कम्पास का प्रयोग कर डिप,स्ट्राइक,टोपोसीट पर अपनी स्थिति ज्ञात करना  आदि सहित क्षेत्र के कई भूवैज्ञानिक तथ्यों को विस्तार पूर्वक समझाया गया।उन्होंने भीमकुण्ड क्षेत्र में पायी गई भूवैज्ञानिक स्थलाकृतियों व तथ्यों का उदाहरण देते हुए समझाया कि भीमकुण्ड क्षेत्र चूनापत्थर क्षेत्र है,जिसमें भीमकुण्ड जैसी स्थलाकृति जल की क्रिया के परिणामस्वरूप निर्मित होती है।भीमकुण्ड भूवैज्ञानिक दृष्टि से  डोलाइन,नैचुरल चैनल,प्राकृतिक सुरंग सहित बाह्य और आंतरिक गुफा की संयुक्त कार्स्ट स्थलाकृति यानि चूनापत्थर स्थलाकृति है।
  फील्ड वर्क के दौरान प्राप्त अनुभवों को साझा करते हुए मदन साहू ने बताया कि इस भ्रमण से वह क्षेत्र से जुड़े रहस्यों को भूवैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर भलीभांति समझ सके और उनको सुलझाने में भी मदद मिली।वहीं भ्रमण में शामिल आशिया बानो,कमलेश प्रजापति,यश विश्वकर्मा,अनम खान, अजीत कुमार पाठक  सहित सभी  छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम के आयोजकों का आभार प्रकट करते हुए की गई इस पहल को अतिमहत्वपूर्ण और ज्ञानवर्धक बताते हुए भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाने की इच्छा जताई।