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गुरुवार, 30 जनवरी 2020

पुण्यशाली जीवों को ही मिलता है धर्म का वातावरण : मुनिश्री।

पुण्यशाली जीवों को ही मिलता है धर्म का वातावरण : मुनिश्री। 


● सिद्धचक्र विधान के तृतीय दिन सिद्धों की आराधना में चढ़ाएं इंद्रों ने 64 अर्घ्य । 


//विन्द्रावन विश्वकर्मा//

घुवारा(छतरपुर)। नगर घुवारा में उत्सव मंडपम  में आयोजित हो रहे श्री 1008 सिद्ध चक्र महामंडल विधान के तृतीय दिन जनसंत मुनि श्री विरंजन सागर जी के संसंघ सानिध्य में सिद्धों की आराधना करते हुए इंद्रों ने 64 अर्घ्य अर्पित किए । प्रातःकाल मुनि श्री के प्रवचन भी हुए जिन्होंने कहा की पुण्य शाली जीव को ही धार्मिक वातावरण मिलता है , किसी के निमित्त से किसी को पुण्य सहज मिल जाता है। मगर हम अधर्मी जीव इस मौके को भुना नहीं पाते । हर कोई संसार में रहना चाहता है जहां दुख ही दुख है । जीवन में हमें अच्छे कार्यों को लगातार करना चाहिए , समय निकाल कर जिन भगवान की आराधना करनी चाहिए । महराज ने विधान के आयोजन कर्ता श्री मती वंदना रविन्द्र जैन को साधुवाद देकर कहा कि नगरी बहुत ही धार्मिक है यहां एक आयोजन समाप्त होता है तो दूसरा प्रारंभ हो जाता है ।
ब्र संजीव भैया ने महराज श्री से निवेदन किया कि उन्हें विधान में उनका पूरे समय सानिध्य मिले । दोपहर में श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में भी मुनि श्री के प्रवचन हुए। वहीं मुनि श्री के आहारदान का सौभाग्य महेश जैन मुनीम परिवार को मिला वहीं शैलेश जैन को मुनि श्री विश्व दृग सागर , क्षुल्लक विशाला माताजी और देवेन्द्र चौधरी को क्षुल्लक विशोम्य सागर महराज के आहारदान का सौभाग्य मिला ।

आज होगा वेदी शिलान्यास।

 इस माह 23 से 29 फ़रवरी माह में होने वाले शांतिनाथ पंच कल्याणक महोत्सव की वेदी शिलान्यास का कार्यक्रम होगा। आयोजन के लिए एक विशाल जुलूस बडा मंदिर से पंचकल्याणक स्थल पहुंचेगा,  जहां वेदी शिलान्यास की विधि संपन्न होगी । जिसकी कमेटी द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई है।
  सायंकाल की बेला में विधान जी स्थल पर आरती हुई जिसमें युवा और युवतियों ने जमकर नृत्य किया। वहीं प्रवचन ब्र संजीव भैया कटंगी ने दिए। विधान के आयोजन कर्ता परिवार तारादेवी , प्रभा निर्मल जैन , जयंती सुनील जैन, वंदना रविन्द्र जैन बारों परिवार है ।।