रोड नहीं तो टोल नहीं,बात खत्म।
● बस ऑपरेटरों के प्रदर्शन के चलते टोल-नाके पर दिन भर नही हो सकी बसूली।
//नरेंद्र अहिरवार//
नेटवर्क दमोह। जिले भर के लोगों को एक अच्छे स्वस्थ एवं व्यवसाय से जोड़ने वाले दमोह जबलपुर मार्ग की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं हैं, जहां सड़कें गड्ढों में है या सड़कों में गड्ढे इस बात का अंदाजा इस मार्ग पर दो पहिया व चार पहिया वाहनों को इस मार्ग से गुजर कर लगाया जा सकता है, यही कारण है कि इस मार्ग पर आए दिन लोग हादसों का शिकार होते हैै, और दुर्घटनाओं में लोग बेमौत मारे जा रहे हैं।लेकिन मजाल हैं कि एमपीआरडीसी के कानों में मासूमों की मौत से जूझ भी रौंधे, लेकिन लगातार घट रही घटनाओं के मद्दे नजर व सड़क का सुधार कार्य ना किए जाने की स्थिति में पिछले कई बार टोल प्लाजा को बंद कराया जा चुका है। लगातार प्रशासन के द्वारा आश्वाशन दिए जाने के बाबजूद भी सुधार कार्य अब तक नहीं किया जा सका है। इस बीच बस यूनियन का समर्थन करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता सिध्दार्थ मलैया एवं विभिन्न भाजपाइयों ने भी जम कर विरोध प्रदर्शन किया साथ ही जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू किए जाने की मांग की।
लेकिन इस आंदोलन को देखते हुए सर्व सहमति से बस यूनियन संघ के अध्यक्ष शंकर लाल राय व विभिन्न बस चालकों ने आंदोलन की ओर मुख मोड़ा, जहां मौके पर पहुंचे एसडीएम व एसडीएम रविन्द्र चौकसे की समझाइश के बाद भी बस यूनियन के कार्यकर्ता नहीं माने, हालाकि एमपीआरडीसी का कोई भी जिम्मेदार बासिंदा मौके पर आंदोलनकारियों को आश्वासन देने नहीं पहुंचा, जिसके बाद बस यूनियन संघ ने सर्व सहमति से जब तक सड़क निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा तब तक के लिए बसों से किसी भी तरह का टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। लेकिन यूनियन उसके बाबजूद भी नहीं माना और सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किए जाने तक आंदोलन खत्म ना करने की बात कही।
