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शनिवार, 1 फ़रवरी 2020

नगर में संत के आने से खिल उठे चेहरे।

नगर में संत के आने से खिल उठे चेहरे।


//विन्द्रावन विश्वकर्मा//

घुवारा(छतरपुर)। शुक्रवार शाम को जनसन्त मुनि श्री विरंजन सागर जी महाराज का धर्मनगरी घुवारा से बमनौरा की ओर हुआ विहार,उत्सव मंडपम् में चल रहे श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान का आयोजन भव्य भक्तिमय चल रहा है जिसमें श्रीजी की सायंकालीन आरती गायक सौरभ जी जैन सागर द्वारा भक्तिभाव से कराई गई,साथ ही द्रोणगिरि प्रबंधन संस्थान से पधारे पं.देवेश जी वलेह एवं पं.शुभम् जी बड़ामलहरा के मंगल प्रवचन हुए। तत्पश्चात ब्र.संजीव भैयाजी द्वारा सामायिक पाठ कराने के उपरांत समाज को सम्बोधित किया गया उन्होंने संघठन की शक्ति का महत्त्व बतलाते हुए प्रेम भाव से मिलजुलकर जीवन जीने के महत्व को प्रतिपादित किया ।

शनिवार को प्रातःकाल 6:30 बजे से श्रीजी का अभिषेक एवं विशेष शान्तिधारा भैयाजी के मुखारविंद से भक्तों को कराई गई जिसमें शताधिक लोगों ने अपने व अपने परिजन व रिश्तेदारों के नाम की शान्तिधारा कराई।
उदयपुर से पधारे हुए पंडित राजकुमार जी,द्रोणगिरि से पधारे देवेश जी,रोहित जी टीकमगढ़,शुभम जी बड़ामलहरा, और अनेक स्थानीय विद्वानों तथा इन्द्र इंद्राणियों ने संजीव भैयाजी के कुशल निर्देशन में व संगीतकार सौरभ जैन सागर के मधुर स्वरों में रमते हुए सिद्धों की आराधना करते हुए श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान सम्बन्धी 512 अर्घ्य श्रीसिद्ध परमेष्ठी के चरणों में समर्पित किये।
मुनिश्री विरंजन सागर जी ससंघ का विहार हुआ की तुरंत बाद ही घुवारा के भक्तों को मुनि श्री की सेवा,भक्ति करने का अवसर पुण्य योग से पुनः प्राप्त हुआ,
घुवारा जैन समाज के निवेदन पर मुनि श्री सुप्रभ सागर जी एवं मुनिश्री प्रणत सागर जी महाराज का आगमन घुवारा नगर में हुआ भक्तों द्वारा मुनिद्वय की भव्य आगवानी की गई ।
मुनि श्री सुप्रभ  सागर जी के ससंघ  सानिध्य में ग्राम-रमगढ़ा,जिला-ललितपुर में 04 फरवरी से श्री मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक महामहोत्सव का आयोजन होने जा रहा है।
पूज्य मुनि श्री की भब्य आगवानी की गई
युवाओ ने बढ़चढ़कर की भब्य आगवानी