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बुधवार, 1 अप्रैल 2020

छतरपुर। खाकी बनी देवदूत...हर हाथ को मदद।


माधवी अग्निहोत्री (चौकी प्रभारी गड़ौली)


//रितिक सोनी//

नौगांव छतरपुर। जब भी किसी पर अत्याचार होता है, किसी तरह की मुसीबत आती है, तो वह पुलिस स्टेशन की ओर दौड़ता है। यह मानव व्यवहार है कि पांच मिनट पहले जिस पुलिस को भला बुरा कह रहे है, अगले ही पल वे रक्षक नजर आते हैं। सच तो यह है कि भारतीय व्यवस्था की जान हैं, पुलिस विभाग।

    जब भी कठिन समय आया, पुलिस विभाग ने अपनी नींद और चैन खोकर हमारी रक्षा की।  इन दिनों छतरपुर जिले हजारों की संख्या में पुलिस कर्मी और अधिकारी लोगों के लिए देवदूत का काम कर रहे हैं। न इनके दिन का ठिकाना है, न रात का पता... नहाना, धोना, खाना-पीना तक मुहाल है। यहां तक कि ये अपने बच्चों को गोद में भी नहीं उठा पा रहे हैं।
               वायरस के चलते ये अपने परिवारों से भी दूरी बनाए हुए हैं। इनके पास अभी है तो सिर्फ काम... काम और बस काम... काम भी इतना है कि काम के घंटे की बात करना बेमानी हो जाता है। अस्पताल पहुंचाना हो तो पुलिस... खाना खिलाना हो तो पुलिस... कहीं कोई फंस गया है तो पुलिस, हर काम के लिए पुलिस ही बुलाई जा रही है। जब हमारे परिवार के लोग हमें घरों से निकलने नहीं दे रहे हैं, ऐसे में वे अपने दिन-रात घरों से बाहर बिता रहे हैं... इन हजारों देव दूतों को छतरपुर की जनता का सलाम।
● थाना प्रभारी भी दे रहे दिन रात सेवाएं

रामनाथ तिवारी (थाना प्रभारी बक्सवाहा)


//अमर सोनी,सौरभ दुबे//


बक्सवाहा।। ठीक इसी क्रम में जिले के बक्सवाहा थाना प्रभारी रामनाथ तिवारी का भी नाम प्रकाशन में आया है आपको बता दें कि श्री तिवारी द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही क्षेत्र में लॉक डाउन की स्थिति पर समस्त स्टाफ की खास ड्यूटी देखी जा रही है जो ऐसी स्थिति में सराहनीय है।

अतः यह सब जिले के पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में ही किया जा रहा है जो अत्यंत ही सराहनीय है।

कुमार सौरभ सिंह (पुलिस अधीक्षक छतरपुर)

अतः आखिर में यह कहना भी अतिश्योक्ति नहीं होगी कि वर्दी में भगवान है अर्थात अस्पतालों में डॉक्टर एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस।