ब्यूरो छतरपुर। मध्य प्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार शासकीय महाराजा महाविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर एक ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने अपने-अपने विषय से संबंधित विचार रखे। प्रथम वक्ता के रूप में भोपाल से डाॅ यशस्विनी मिश्रा ने नशे का मनुष्य शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि नशा मानव की समस्त क्षमताओं पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने बताया कि उससे शरीर शिथिल पड़ जाता,आंतरिक अंगों में विकार पैदा हो जाते हैं, शरीर कमजोर हो जाता है और मानसिक असंतुलन भी हो जाता है। दूसरे वक्ता के रूप में डाॅ एल.एन. मिश्रा शासकीय विधि महाविद्यालय रीवा ने नशा निवारण के लिए कानूनी प्रावधानों पर सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने उन नशीले पदार्थों को प्रतिबंधित किया है जो मानव शरीर पर स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक प्रभाव डालते हैं। ऐंसे पदार्थों का उत्पादन, परिवहन और संग्रहण दंडनीय अपराध है।
इस कार्यक्रम के संरक्षक और संस्था के प्राचार्य डॉ डी पी शुक्ला जी ने सभी विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि नशा नाश की जड़ होता है। इससे व्यक्ति अपना धन, समय, स्वास्थ, मानसिक संतुलन और मान- प्रतिष्ठा सहित सब कुछ गवां देता। इसलिए हमें नशा नहीं करना चाहिए।इस अवसर पर कार्यक्रम के प्रभारी डॉ एन के जैन, संयोजक डॉ योगेश चतुर्वेदी सहित डॉ एस पी जैन डॉ गिरजेश जुयाल, डॉ के के गंगेले, डॉ तेजस्विनी अरजरिया तथा अनेक विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ एन के पटेल ने किया।