//आशीष चौरसिया//
बक्सवाहा(छतरपुर)। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में मंगलवार को बक्सवाहा जंगल के हीरे खनन मामले पर सुनवाई की गई।
जिसमें बक्सवाहा जंगल में हीरे के लिए होने वाले खनन पर रोक लगा दी गई है।
मंगलवार को चीफ जस्टिस आरवी मलिमथ और जस्टिस विजय शुक्ला की डबल बेंच ने कहा कि बक्सवाहा जंगल में खनन से वहां मिली पाषाण युग की रॉक पेंटिंग, कलचुरी और चंदेल कालीन मूर्तियां, स्तंभ आदि संपदा नष्ट हो सकती हैं।
एवं हाई कोर्ट की डबल बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए स्टे आदेश जारी किया कि वहां खनन का कोई भी काम हाईकोर्ट के निर्देश के बाद ही हो सकेगा।
गौरतलब है कि नागरिक उपभोक्ता मंच की ओर से दायर जनहित याचिका में आर्कियोलॉजिकल सर्वे की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बक्सवाहा जंगल में डायमंड माइनिंग के खनन पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
ज्ञातव्य हो कि बक्सवाहा जंगल के हीरे खनन मामले पर हाइकोर्ट का स्टे लगाना पर्यावरण प्रेमियों की बड़ी जीत है, क्योंकि बक्सवाहा जंगल काटे जाने के मामले पर विरोध के स्वर शुरुआत से ही देखे जा रहे थे।
हालांकि कुछ स्थानीय लोगों द्वारा रोजगार की आश में कंपनी स्थापित होने के लिए पेड़ काटे जाने का समर्थन भी किया जा रहा था।