//विन्द्रावन विश्वकर्मा//
ब्यूरो छतरपुर। मुख्य अभियंता कार्यालय ग्वालियर के द्वारा एक निरीक्षण दल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग छतरपुर में भेजा गया था। इस निरीक्षण दल के द्वारा दिनांक 25.10.2021 से 27.10.2021 तक वित्तीय वर्ष 2019/20 एवं 20/21 खंड कार्यालय लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अभिलेखों का निरीक्षण करना सुनिश्चित किया गया था। परंतु तत्काली कार्यपालन यंत्री महेन्द्र सिंह के द्वारा निरीक्ष्ण दल को किसी प्रकार का सहयोग प्रदान नहीं किया गया। और न ही कोई बिल बाउचर उपलब्ध कराए गए। निरीक्षण दल के द्वारा संबंधित शाखा प्रभारियों को वाछित अभिलेखों को उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया परंतु किसी भी शाखा प्रभारी के द्वारा अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए। निरीक्षण दल के द्वारा इसे आवेदनशीलता घोर लापरवाही एवं वित्तीय अनियमितताएं भारी आर्थिक हानि एवं शासकीय धन के गबन की स्थिति की आशंका जाहिर की है। यह पत्र छतरपुर कलेक्टर को भेजा गया था परंतु तत्कालीन कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह के द्वारा इस पत्र को दबा दिया गया। तत्कालीन कार्यपालन यंत्री महेन्द्र सिंह के द्वारा अपने समय के कार्यकाल में भारी भ्रष्टाचार किया गया और शासन के नियमों को ताक में रखकर फर्जी बिलों का भुगतान का ठेकेदारों को ओबलाइज किया गया और उन ठेकेदारों को इसके एवज में भारी कमीशन लिया गया। हालांकि इस संबंध में कार्यपालन यंत्री के खिलाफ मुख्य अभियंता के द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है लेकिन छतरपुर कलेक्टर के द्वारा अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। गौरतलब हो कि कार्यपालन यंत्री ने छतरपुर जिले में चल रही नलजल योजनाओं में लोहे के पाइप की जगह प्लास्टिक के पाइपों का उपयोग कर शासन को करोड़ों रुपए का चूना लगाया है।प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत सभी स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर नल जल योजनाएं संचालित की जाना थीं। जिसकी समय सीमा वर्ष 2020 निर्धारित की गई थी। परंतु ठेकेदारों ने समय पर नलजल योजनाओं का कार्य पूर्ण नहीं किया उसके बावजूद भी कागजों पर 100 प्रतिशत कार्य पूर्ण दिखाकर ठेकेदारों का भुगतान कर दिया गया है। हांलांकि वर्तमान कार्यपालन यंत्री श्री अहिरवार ने बताया कि सभी नलजल योजनाओं की पूरी जानकारी एकत्रित की जा रही है और इन नलजल योजनाओं को अतिशीघ्र पूरा किया जाएगा।