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रविवार, 25 सितंबर 2022

घुवारा। सतत व्यापक अधिगम और मूल्यांकन पद्धति क्रियाकलापों का हुआ आयोजन।

//विन्द्रावन विश्वकर्मा//

घुवारा(छतरपुर)। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घुवारा में प्राचार्य श्री बी एल प्रजापति के निर्देशन में नई शिक्षा नीति 2020 के तहत सीसीएलई (सतत व्यापक अधिगम और मूल्यांकन पद्धति) के अन्तर्गत अन्वेषनात्मक परियोजना रूपी विभिन्न गतिविधियों एवं क्रियाकलापों का सदनवार अयोजन किया गया। प्रत्येक कक्षा के प्रथम सदन अहिल्याबाई, द्वितीय सदन मीराबाई, तृतीय सदन रानी दुर्गावती एवं चतुर्थ सदन महारानी लक्ष्मीबाई रहे। 

प्रथम सदन अहिल्याबाई ने विद्यालय परिसर में उपलब्ध वनस्पति के प्रकार एवं संख्या, वनस्पति के वानस्पतिक नाम, विद्यालय परिसर में उपलब्ध पौधों की घरेलू औषधी उपयोग, पौधों की वृद्धि को प्रभावित करने वाले कारक, प्रकृति में वनस्पति संसार की आवश्यकता और महत्व।तो द्वितीय सदन मीराबाई ने विद्यालय में विद्युत उपकरणों की संख्या एवं उपयोग में लाए जा रहे और खराब हो गए उपकरणों की संख्या, प्रत्येक विद्युत उपकरण के उपयोग के घंटे, प्रत्येक उपकरण के अनुमानित विद्युत शक्ति वॉट में, एक दिवस में विद्यालय में खपत होने वाली विद्युत ऊर्जा का आकलन, खराब उपकरणों को सुधारने में लगने वाली व्यय का आकलन, विद्युत खपत कम करने के उपाय, विश्व में ऊर्जा के विभिन्न स्रोत तथा ग्लोबल वार्मिंग कम करने हेतु ग्रीन ऊर्जा स्त्रोतों का महत्व। तृतीय सदन रानी दुर्गावती ने प्रयोगशाला में उपलब्ध उपकरण/सामग्री की सूची, प्रयोगशाला में उपलब्ध उपकरणों का कितना उपयोग होता है, क्षतिग्रस्त अथवा अनुपयोगी सामग्री की सूची, क्षतिग्रस्त सामग्री में से कितनी सामग्री को सुधार कर उपयोगी बनाया जा सकता है, शाला में विज्ञान के प्रयोग का महत्व तथा अच्छी प्रयोगशाला की आवश्यकता । तो वही चतुर्थ समूह महारानी लक्ष्मीबाई ने विद्यालय में विद्यार्थियों की कुल संख्या, विद्यालय में कक्षा बार उपलब्ध फर्नीचर तथा परिसर में नलों की कुल संख्या, क्षतिग्रस्त फर्नीचर की कक्षा बार संख्या तथा पानी का व्यर्थ रिसाव हो रहे नलों की संख्या, क्षतिग्रस्त फर्नीचर तथा रिसाव हो रहे नालों को सुधारने हेतु अनुमानित व्यय का आकलन, फर्नीचर एवं नलों की क्षतिग्रस्त होने का कारण एवं निवारण का उपाय, जल संरक्षण का महत्व तरीके तथा भौतिक संसाधनों का समुचित उपयोग आदि जानकारियों को एकत्रित किया इसप्रकार विद्यालय परिसर का सर्वेक्षण कर उपर्युक्त जानकारी प्राप्त करने के उपरांत प्रतिवेदन तैयार कर सदनवार प्रस्तुति दी गई। इस प्रतिवेदन में सभी कक्षाओं के सभी सदनों द्वारा पाया गया कि संस्था में 430 पौधे, 60 पंखे, 72 ट्यूबलाइट, 10 सीसीटीवी कैमरे, 03 पानी की टंकी, 22 नल, 310 प्रयोगशाला उपकरण/सामग्री, 01 कंप्यूटर, 01 वाटरकूलर, 212 टेबल एवं बैंच, 41 कुर्सी, एवं 17 श्वेतपट हैं जो सभी सदनों का आंकलन एवं सर्वेक्षण वास्तविक रुप से समान रहा। इस प्रकार के क्रियाकलापों एवं गतिविधियों से छात्राओं में एक नई रोचकता एवं उत्सुकता दिखाई दी जो उन्हें रचनात्मक एवं सक्रिय बनाती नजर आई। जिसमें संस्था के सभी शिक्षकों द्वारा छात्राओं की उत्प्रेरक जिज्ञासाओं को प्रबल बनाने में अपना कर्त्तव्य निभाया।