पूर्व तहसीलदार सुनील वर्मा द्वारा जप्त की गई थी अवैध रेत।
//विन्द्रावन विश्वकर्मा//
घुवारा(छतरपुर)। नगर में इन दिनों अवैध रेत और मुरम का खेल खाकी और खादी के गठजोड़ से चरम सीमा पर फलफूल रहा है।इसमें बेहद खास बात तो यह है की जिम्मेदार कहे जाने वाले अधिकारी के सरंक्षण से लाखों रुपयों की जप्त की गई रेत गोल हो गई है।
आपको बता दें कि करीब दो वर्ष पूर्व घुवारा तहसील में पदस्थ तहसीलदार सुनील वर्मा द्वारा सोरखी घाट से बन रही अवैध रेत के ढेरों से करीब 15 ट्रक रेत जप्त करते हुए रेत को तहसीलदार वा चौकी प्रभारी के निवास पास बने रेस्ट हाऊस के पास तहसीलदार सुनील वर्मा द्वारा रेत का भण्डारण कराते हुए अग्रिम कार्यवाही हेतु पंचनामा बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करते हुए अवैध रेत की नीलामी हेतु तैयारी की लेकिन उसी बीच प्रशासनिक फेरबदल के चलते तहसीलदार वर्मा का स्थानांतरण घुवारा से महाराजपुर तहसील के हो गया।और रविशंकर शुक्ल ने तहसील की कमान संभाली लेकिन उनके द्वारा नीलामी की कार्यवाही नहीं की गई और कार्यवाही ठंडे बस्ते में चली गई।तत्पश्चात शुक्ल के स्थानान्तरण के बाद तीसरे तहसीलदार के रूप में सुनील बाल्मिकी ने घुवारा तहसील की कमान संभालते हुए कार्य करना शुरू कर दिया।लेकिन इसी बीच दलालों से संपर्क हो जाने के कारण लाखों रुपए कीमत की रेत को नीलाम न करके रातों रात दलालों के माध्यम से गायब कर दिया है।जिससे आज नगर घुवारा में तहसीलदार सुनील बाल्मिकी की कार्यशैली की चर्चा जोरों पर चल रही है। कि आखिरकार स्वयं के संरक्षण में रखी रेत कैसे गोल हो गई।जनता का आरोप है की तहसीलदार की मिली भगत से ही रेत को ठिकाने लगाते हुए बड़े आर्थिक लाभ को अर्जित किया गया है।
जनता का कहना है की जप्त की गई रेत की यदि विधिवत तरीके से नीलामी होती तो शासन को लाखो रुपयों का राजस्व प्राप्त होता।
पूर्व तहसीलदार वर्मा ने बताया:- जब इस मामले की जानकारी पूर्व तहसीलदार सुनील वर्मा से ली गई तो उन्होंने बताया कि हां मेरे द्वारा सोरखी घाट से अवैध रेत जप्त करते हुए रेस्ट हाऊस के पास रखवाई गई थी जिसकी कीमत करीब 10 लाख से भी अधिक आंकी गई थी।और नीलामी की अग्रिम कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन बनाकर खनिज विभाग को भेज दिया गया था। इसी बीच मेरा स्थानांतरण हो गया।
इनका कहना:- आपके द्वारा मामले को संज्ञान लाया गया है चूंकि मामला पूर्व का है तो मैं अभी दिखवाता हूं।
अमित मिश्रा, जिला खनिज अधिकारी
इनका कहना:- अगर मामला ऐसा है तो मैं तुरंत चेक करवाता हूं। मामले की सत्यता क्या वह जरूर उजागर की जावेगी और दोषियों पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
संदीप जी.आर, कलेक्टर छतरपुर