//विन्द्रावन विश्वकर्मा//
नेटवर्क छतरपुर। जिले के कलेक्टर संदीप जी आर को लगभग डेढ़ वर्ष का कार्यकाल छतरपुर में बैठे हुए हो गया है। परंतु उनकी पटरी नेताओं से नहीं बैठ पा रही है। इसके कारण भारतीय जनता पार्टी के अधिकांश नेताओं को वह राहस नहीं आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार भाजपा के तीन विधायकों ने इस संबंध में अपनी पीढ़ा भाजपा के प्रदेश संगठन के लोगों से भी व्यक्त कर दी है. और उसके बावजूद सीएम हाउस में हुई विधायक और सांसदों की बैठकों में विधायकों ने कार्यशैली को लेकर अपना दुखड़ा रोया और कहा कि छतरपुर कलेक्टर नेताओं की नहीं सुनते हैं।
हालांकि इस संबंध में संगठन से जुड़े लोगों ने भाजपा नेताओं को आश्वासन दिया कि कुछ समय बाद स्थिति में बदलाव हो सकता है। हालांकि आगामी विधानसभा चुनाव नवंबर माह में होना है और संभवत: सितंबर के अंत एवं अक्टूबर में आचार संहिता लग सकती है। क्षेत्र में सबसे ज्यादा डिमांड शस्त्र लायसेंस की है जो कि छतरपुर के सत्ता से जुड़े विधायक अपने कार्यकर्ताओं के नहीं बना पा रहे हैं। जिसके कारण उनकी क्षेत्र में अच्छी खासी फजीहत हो रही है। भाजपा के नेता आखिरकार अपना दुखड़ा किसे सुनाए??
वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री छतरपुर जिले में दो लगातार बड़ी सभा भी कर चुके हैं, परंतु उसके बवजूद भी भाजपा के खिलाफ माहौल बना हुआ हैै। भाजपा से जुड़े छोटे- छोटे कार्यकर्ता अपने छोटे- छोटे कामों के लिए दर दर भटक रहे हैं। उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। छतरपुर कलेक्टर के द्वारा लगातार नेताओं की अनसुनी करने के कारण यह स्थिति निर्मित हो रही है।
कलेक्ट्रेट में लगने वाली भीड़ समाप्त होती जा रही है जनसुनवाई में लोग आवेदन लेकर आते हैं परंतु उनके आवेदनों पर कोई कार्यवाही न होने के कारण जनता भी काफी नाराज है।
छतरपुर जिले में वर्षों से जमे विभिन्न विभागों के अधिकारी भी शासकीय कामों में विशेष रुचि नहीं ले रहे हैं। फिलहाल भाजपा के तीनों विधायक को कलेक्टर रास नहीं आ रहे हैं और उन्होंने चुनाव के पहले कलेक्टर को बदलने के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह भी किया हुआ है।
संभवत: 15 जून से 30 जून के बीच में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी होने वाली है जिसके चलते कई जिलों के कलेक्टर प्रभावित होंगे। हालांकि छतरपुर कलेक्टर का नाम अभी नहीं आ रहा है।