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शुक्रवार, 2 फ़रवरी 2024

आदिकुमार को वैराग्य होते ही छोडा राज्य, किया तप और हुआ केवलज्ञान....महोत्सव में पहुंचे मंत्री व विधायक।

//रत्नेश जैन, रुपेश जैन//

बकस्वाहा(छतरपुर)।  निकटवर्ती ग्राम सादपुर में चल रहे पंचकल्याणक महामहोत्सव में केवलज्ञान कल्याणक की क्रियाएं की गई। प्रातः राजा श्रेयांस व राजा सोम द्वारा आहारचर्या की क्रियाएं की गई। दोपहर में भरत चक्रवर्ती की शोभायात्रा निकाली गईं , राज्याभिषेक हुआ, मुकुटबद्ध राजाओं ने भेंट प्रस्तुत की और नीलांजना नृत्य के दौरान आदि कुमार को वैराग्य होने पर चक्रवर्ती भरत बाहूबलि को राज्य सौंपकर तप को निकल पड़े , बाद में केवलज्ञान संस्कार और समवशरण की रचना की गई  , जिसमें बारह सभाओं में  मुनिश्री विरंजन सागर जी महाराज ससंघ विराजमान हुए और उनकी दिव्य देशना का लाभ विशाल जनसमूह को प्राप्त हुआ , इस अवसर पर अनेक महानुभावों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। 

    इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के राज्‍यमंंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक लखन पटेल एवं हटा विधायक उमादेवी खटीक ने आयोजन में पहुंचकर मुनिश्री से आशीर्वाद लिया , वहीं 

आयोजन समिति ने दोनों जनप्रतिनिधियों का स्‍वागत अभिवादन किया गया । 

      आयोजन स्थल पर शायंकाल महाआरती के लिए सभी श्रद्धालु व पात्र इन्द्र  इन्द्राणियों के साथ पहुंचकर भक्ति भाव से प्रभू की आरती की गई एवं शास्त्र सभा का लाभ प्राप्त किया । देर रात तक चले राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में बाहर से आये  कवियों द्वारा  हास्य, व्यंग, ओज ,वीर रस की कविताओं का वाचन किया गया जिसमें ग्राम के अतिरिक्त अनेक नगरों से आयें बडी संख्या में जनसमुदाय ने भाग लिया।

   इस महोत्सव में जहां धार्मिक अनुष्ठान चल रहा है, वही आसपास के करीब एक दर्जन से अधिक गांव के लोग इस मेला में खरीददारी करने पहुंच रहे है, दिन प्रतिदिन उमडने वाले जल सैलाब को देखते हुए आयोजन स्थल पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई है । महोत्सव में पात्र बने सभी जन गांव में ही टेंट बनाकर रह रहे है ।

     2 फरवरी शुक्रवार त्रय गजरथों द्वारा सात फेरियां और विश्वशांति महायज्ञ के साथ समापन किया जायेगा।