//विन्द्रावन विश्वकर्मा//
नेटवर्क छतरपुर। कहते है प्रतिभाएं केवल शहरों में ही नहीं गांवों में छुपी हुई है। उन्हें सिर्फ प्रेरित करने के साथ जोश और जज्बे के अलावा मौके और मंच की आवश्यकता होती है। ऐसे ही एक युवक की सफलता की कहानी है जो अभावों में जीने के अलावा अत्यंत निर्धन होने के बाबजूद भी मोटीवेशनल स्पीकर और लेखक बनकर युवाओं कख प्रेरणास्रोत बन गया। संदीप विश्वकर्मा छतरपुर जिले की बड़ामलहरा जनपद पंचायत क्षेत्र के एक छोटे से गांव झिंगरी के रहने वाले हैं। इनका बचपन बहुत ही गरीबी में निकला। प्रारंभिक शिक्षा गांव से पूरी की। उसके बाद 10वीं और 12वीं गांव से 8 किलोमीटर दूर भगवाँ से पूरी की। उसके बाद वह पढ़ाई के लिए छतरपुर और इंदौर भी गए। इंदौर में वह अपनी पढ़ाई कर रहे थे और अपनी पढ़ाई के खर्चे के लिए काम भी करते थे। संदीप ने 10 से ज्यादा कंपनियों में वहां पर काम किया। पढ़ाई के बीच उनके पिताजी का देहांत हो जाता है। घर में सबसे बड़े संदीप के ऊपर जिम्मेदारियों का बोझ आ गया इस वजह से उनको घर आना पड़ता इसके बाद वह पढ़ाई को बीच में ही रोककर भगवाँ में ही एक एमपी ऑनलाइन दुकान और उसके बाद कुछ दोस्तों के साथ मिलकर स्कूल संचालित कर दिया लेकिन संदीप का जुनून यहीं खत्म नहीं होता है, वह बचपन से ही कुछ विलक्षण काम करना चाहते थे। इसलिए वह भगवां से छतरपुर जाते हैं और श्री कृष्णा यूनिवर्सिटी में जॉब करने लगे। छह महीनों तक श्री कृष्णा यूनिवर्सिटी में जाँब करने के बाद कुछ ही समय में अपनी एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई। कोरोना काल में छतरपुर में होम डिलीवरी सर्विस दी जिसमें फल, सब्जी, किराना, कॉस्मेटिक, खाना, दवाइयां इत्यादि की होम डिलेवरी दी।
संदीप शुरू में बहुत शांत और सहज थे, कॉलेज स्कूल में बोल नहीं पाते थे। उन्होंने देखा कि मैं एक कंपनी चल रहा हूं अलग-अलग लोगों से मिलता हूं। धीरे-धीरे उन्होंने अपने संचार कौशल, पहनावे पर काम करना शुरू किया। और लोगों को समझना, लोगों से बात करने का तरीका सही किया। धीरे-धीरे इनके अंदर कम्युनिकेशन स्किल डेवलप हुई लीडरशिप स्किल भी आ गई। तो अब उन्होंने स्कूल और कॉलेज में स्पीच देना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे स्कूल कॉलेज वाले इनको इनवाइट करने लगे। संदीप नज अपने इस पैशन को प्रोफेशन में बदल दिया। अब वह फुल टाइम सेमिनार और ट्रेनिंग करते हैं। वह एमपी के यंगेस्ट मोटिवेशनल स्पीकर एवं लाइफ कोच में से एक हैं। और अभी तक 500 से ज्यादा सेमिनार पूरे भारतवर्ष में कर चुके हैं।
युवाओं के लिए लिखी पुस्तक
अभी संदीप विश्वकर्मा की नई किताब का विमोचन हुआ है जिसका नाम है "व्यक्तित्व विकास एक प्रयास" इस किताब के लिखने के पीछे उनका उद्देश्य है कि आज के समय में लोग अपने व्यक्तित्व पर काम नहीं करते हैं अपने व्यक्तित्व को निखारते नहीं है। और सबसे जरूरी है हमारे लिए हमारा व्यक्तित्व हम किस तरह से कपड़े पहनते हैं। हम किस तरह से किसी से बात करते हैं। हमारे चलने का तरीका, हमारी शारीरिक भाषा, हमारी भावनाएं इन सभी टॉपिक को देखकर संदीप ने पर्सनालिटी डेवलपमेंट यानी व्यक्तित्व विकास के ऊपर पूरी किताब लिखी है। संदीप द्वारा लिखी यह किताब अमेजॉन ऑफ फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध है। लोग इसको भरपूर प्यार भी दे रहे है। संदीप की कहानी से पता चलता है कि इंसान अगर बड़े सपने देखता है और अगर उन सपनों को पाना चाहता है, तो उसके अंदर एक जज्बा, जुनून, जिद, पागलपन, धैर्य, साहस, परिश्रम कुछ करने की इच्छा शक्ति जरूर होनी चाहिए। मुश्किलें आपके जीवन में आएंगी लोग आपके ताने भी देंगे, लेकिन अगर आपका सपना बड़ा है, तो आपको बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। संदीप विश्वकर्मा कहते हैं कि मेरा उद्देश्य है कि मैं लाखों लोगों की जिंदगी को बदल सकूं। उनकी जिंदगी में उनको उनके सपनों तक उनके लक्ष्यों तक पहुंचा सकूं। और इस समाज में सकारात्मक प्रभाव दे सकूं।
मुख्य सेवाएं
संदीप विश्वकर्मा मोटिवेशनल सेमिनार, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट सेमिनार, टीचर्स ट्रेनिंग, स्मार्ट पेरेंटिंग, रिलेशनशिप, करियर काउंसलिंग, लीडरशिप, मार्केटिंग और कई कंपनियों में टीम बिल्डिंग के लिए भी सेमिनार कर चुके हैं। संदीप विश्वकर्मा यूट्यूब के माध्यम से जानकारियां, प्रेरणा स्रोत, जागरूकता, कौशल कला, कहानी, संचार कौशल व्यक्तित्व विकास पर वीडियो बनाते हैं। लाखों लोग इनके वीडियो को देखते हैं। युवाओं में वह काफी पॉपुलर है। आज वह अपने सेमिनार से 50 हजार से भी ज्यादा लोगों को ट्रेनिंग दे चुके हैं। एवं हजारों लोगों की जिंदगी को बदल चुके हैं। मेरी जिंदगी में भी तनाव आया युवावस्था में कहते हैं कि इंसान गलती जरूर करता है, तो किसी गलत इंसान के साथ भावनाएं जुड़ी विश्वास किया और अंत में उसका परिणाम यह हुआ कि मैं तनाव में चला गया। वह सब अनुभव में अभी युवाओं के साथ साझा करता हूं। जिससे वह गलती ना करें। तो कहने का मतलब है कि जिंदगी में उतार चढ़ाव आना एक आम बात है किंतू उनको झेल कर आगे बढ़ना एक सफल व्यक्ति की पहचान होती है। मेरे पास पैसा बिल्कुल भी नहीं था एक समय बीच में ऐसा आया कि मेरी फैमिली फ्रेंड्स दोस्त यार सभी लोग दूर हो गए मुझसे कोई बात नहीं करता था। मैं भी डिप्रेशन में रहा। लेकिन मैं एक स्पीकर था और मेरे गुरु संदीप माहेश्वरी को सुनता था। तो काफी हद तक मैंने खुद को संभाला और आज मैं अपनी मंजिल की ओर बढ़ता चला जा रहा हूं।
संदीप विश्वकर्मा की उपलब्धियां
- मोटिवेशनल स्पीकर
- लेखक- व्यक्तित्व विकास एक प्रयास
- बिज़नेस और लाइफ कोच
- रिलेशनशिप एक्सपर्ट
- फाउंडर गेट रिलैक्स डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड
- सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर
- कॉरपोरेट ट्रेनर
- मिस्टर मध्य प्रदेश 2024 (फाइनलिस्ट)
- होस्ट एवं एंकर
- 20 से ज्यादा अवार्ड