//विन्द्रावन विश्वकर्मा//
नेटवर्क छतरपुर। बीते रोज छतरपुर कलेक्टर के औचक निरीक्षण के दौरान 11 डाक्टर जिला चिकित्सालय से अनुपस्थित पाए गए थे जिनका एक दिन का वेतन काटने के निर्देश छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल द्वारा सिविल सर्जन को दिए गए थे। अनुपस्थित डाक्टरों ने सिविल सर्जन जीएल अहिरवार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया और जिला चिकित्सालय परिसर में ही धरना प्रदर्शन करना शुरु कर दिया।
डाक्टरों का आरोप है कि सिविल सर्जन जीएल अहिरवार ने कलेक्टर को गलत जानकारी देकर हम लोगों का एक दिन का वेतन कटवाया है।
जबकि वास्तविकता यह है कि जिला चिकित्सालय में कोई भी डाक्टर समय से नहीं आता है और जो आते भी है वे ओपीडी में नहीं बैठते जिसके चलते मरीज काफी परेशान होते हैं।
सिविल सर्जन जीएल अहिरवार का अपने अधीनस्थ डाक्टरों पर कोई कंट्रोल नहीं है। जिसके कारण डाक्टर जिला चिकित्साललय में जब चाहें आ जाते हैं और चले जाते हैं और उपस्थिति रजिस्टर में अपने हस्ताक्षर मनमाफिक तरीके से करते रहते हैं।
कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देश के बाद भी इन डाक्टरों में कोई सुधार नहीं हो रहा है और यह किसी कीमत पर ओपीडी में बैठना नहीं चाहते। सभी डाक्टर अपने घर पर प्रेक्टिस करने में लगे रहते हैं केवल नाम मात्र के लिए जिला चिकित्सालय में आते हैं और पूरे माह की वेतन लेते हैं।