//विनोद कुमार जैन//
नेटवर्क सागर। जब डॉक्टर अपनी विशेषज्ञता, हिम्मत और समर्पण से असंभव को संभव बना दें, तो वह किसी चमत्कार से कम नहीं होता! भाग्योदय अस्पताल के सर्जन डॉ. अंकुर जैन और डॉ. इलयाज (निश्चेतना) ने 90% हार्ट ब्लॉकेज और 80 वर्ष की उम्र के बावजूद एक बुजुर्ग मरीज की सफल हार्निया सर्जरी कर चिकित्सा जगत में मिसाल पेश की है।
पांच साल तक दर्द, हर जगह ऑपरेशन से इनकार!
कटनी निवासी देवकुमार जैन पिछले पांच वर्षों से हार्निया की समस्या से परेशान थे, लेकिन दिल की 90% धमनियां बंद होने के कारण जबलपुर, नागपुर, पुणे जैसे बड़े अस्पतालों ने ऑपरेशन करने से मना कर दिया था।
आचार्य सुधा सागर महाराज के दर्शन ने दिलाई नई राह
देवकुमार जैन जब आचार्य श्री सुधा सागर महाराज के दर्शन के लिए सागर आए, तो उन्हें भाग्योदय अस्पताल के सर्जन डॉ. अंकुर जैन से मिलने का अवसर मिला। मरीज की नाजुक स्थिति को देखते हुए भी डॉ. जैन ने ऑपरेशन करने का साहसिक फैसला लिया।
सिर्फ 1 घंटे में दो बड़े हार्निया का ऑपरेशन!
डॉ. जैन और उनकी टीम ने मात्र एक घंटे में दो बड़े हार्निया का ऑपरेशन कर दिखाया। यह जोखिम भरा था, क्योंकि मरीज पहले से ही गंभीर हृदय रोग से पीड़ित थे। लेकिन डॉ. इलयाज की कुशल निश्चेतना तकनीक और डॉ. जैन की सर्जरी विशेषज्ञता ने इस चुनौती को सफलता में बदल दिया।
तीन दिन में अस्पताल से छुट्टी, नया जीवन मिला!
सर्जरी के बाद देवकुमार जैन तेजी से स्वस्थ हुए और मात्र तीन दिन में अस्पताल से घर लौट गए। यह उनकी मजबूत इच्छाशक्ति और डॉक्टरों की बेमिसाल चिकित्सा सेवा का परिणाम था।
डॉक्टरों की विशेषज्ञता ने बढ़ाया विश्वास
इस अद्भुत चिकित्सा सफलता ने न सिर्फ मरीज और उनके परिवार को राहत दी, बल्कि भाग्योदय अस्पताल के डॉक्टरों की विशेषज्ञता और समर्पण को भी उजागर किया। डॉ. अंकुर जैन और डॉ. इलयाज ने यह साबित कर दिया कि सच्ची चिकित्सा सेवा असंभव को भी संभव बनाने का जज़्बा रखती है!