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सोमवार, 19 मई 2025

आर्ट ऑफ गिविंग पर विश्वविद्यालय में एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन।

//रूपेश जैन//

नेटवर्क छतरपुर। आर्ट ऑफ गिविंग यानी देने की कला—एक ऐसी मानवीय पहल जिसे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत प्रतिदिन विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में बीते शनिवार को महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर में नेबरहुड में अच्छाई लाओ विषय पर एक एकदिवसीय प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम का संचालन छतरपुर जिले की जिला समन्वयक कामिनी शर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में आर्ट ऑफ गिविंग की गहराई को सरल शब्दों में समझाते हुए बताया कि यह केवल वस्तुएं दान करने तक सीमित नहीं है बल्कि समय, प्रेम, समर्थन, सहानुभूति और सकारात्मक व्यवहार भी इसके महत्वपूर्ण पहलू हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम अपने आस-पास के लोगों के साथ सहृदयता और सहयोग का भाव रखें, तो न केवल उनके जीवन में रोशनी ला सकते हैं, बल्कि खुद भी आत्मिक संतोष और आनंद की अनुभूति कर सकते हैं।

कार्यक्रम में नेबरहुड में अच्छाई कैसे लाएं एवं रिश्तों को कैसे मजबूत बनाएं तथा सामुदायिक जीवन में सहयोग की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। कामिनी शर्मा ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे अपने व्यवहार, शब्दों और कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मकता फैलाएं और ज़रूरतमंदों की सहायता करें। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के बीएससी, एमएसडब्ल्यू एवं एनएसएस इकाई के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में आशीष ताम्रकार एवं प्रदीप खरे उपस्थित रहे, जिन्होंने इस तरह की पहलों की सराहना की और युवाओं को सामाजिक दायित्व निभाने के लिए प्रेरित किया।