//विनोद कुमार जैन, अनिल जैन बड़कुल//
बकस्वाहा(छतरपुर)। नगर का इस वर्ष का गणेशोत्सव धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उल्लास का अद्भुत संगम बनकर सामने आया। बुधवार को गणेश जी की प्रतिमा स्थापना एवं सप्तदिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर निकली भव्य कलश यात्रा ने पूरे नगर को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।
कलश यात्रा बड़े बाजार स्थित कथा स्थल से प्रारंभ होकर बस स्टैंड, बाजना तिगड्डा स्थित प्रस्तावित गणेश मंदिर स्थल तक पहुँची और फिर पुराने बस स्टैंड एवं पटवन मोहल्ला मार्ग से होते हुए पुनः कथा स्थल पर समाप्त हुई। यात्रा में नगर की महिलाओं और बालिकाओं ने पीले वस्त्र धारण कर कलश उठाए। पूरे मार्ग में “गणपति बप्पा मोरया” के जयघोष और भक्ति गीतों से वातावरण गूंजता रहा। नगर के गणमान्य नागरिक भी इस शोभायात्रा में शामिल हुए।
संध्या के समय गणेश जी की प्रतिमा की स्थापना विधि-विधान से की गई। इस अवसर पर मंगल आरती, पूजन और आर्चन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और वातावरण “जय गणेश देवा” के जयघोषों से गूंज उठा।
आयोजन समिति ने बताया कि भागवत कथा का वाचन श्रीधाम वृंदावन के कथाव्यास धर्माचार्य पं. पं. श्री राघवेन्द्र जी महाराज द्वारा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक किया जा रहा है। कथा में भीष्म स्मृति, कुन्ती स्मृति, विदुर प्रसंग, समुद्र मंथन, वामन अवतार, भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं, गिर्राज पूजन, छप्पन भोग, द्वारका लीला और शिव बारात जैसे प्रेरक प्रसंगों का वर्णन होगा। प्रतिदिन रात्रि 8 बजे मां गंगा की आरती की तर्ज पर श्री गणेश महाराज की महाआरती भी आयोजित की जाएगी।
बड़े बाजार बकस्वाहा में चल रहे इस महोत्सव के तहत धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। 28 व 29 अगस्त को डांडिया व गरबा महोत्सव प्रतियोगिता, 30 अगस्त को बुंदेली भजन संध्या, 31 अगस्त को दही-हांडी एवं मटकी फोड़ प्रतियोगिता, 1 सितंबर को भजन संध्या (स्थानीय ऑर्केस्ट्रा कलाकारों द्वारा) और 2 सितंबर को लांक नृत्य व भजन का आयोजन किया जाएगा।
3, 4 और 5 सितंबर को मां अन्नपूर्णा का विशेष पूजन एवं भक्तमाल कथाएं होंगी। 6 सितंबर को हवन पूजन, पूर्णाहुति, गौदान एवं पार्थिव गणेश विसर्जन के साथ उत्सव का समापन होगा, वहीं 8 सितंबर को शिव बारात व विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा।